संवाद सूत्र, प्रतापगढ़ : शासन के फरमान के बावजूद शहर में चौराहों से रात में पुलिस नदारद रहती है। ऐसा तब है, जबकि आए दिन छिनैती, छेड़खानी की घटनाएं हो रही हैं। इसके बाद भी पुलिस लापरवाह बनी हुई है।

शहर में दिन के अलावा रात में भी लोगों का आवागमन बना रहता है। खासतौर पर ट्रेन और बस से सफर करने वाले लोग रात में गंतव्य की ओर गुजरते हैं। ऐसे में हमेशा छिनैती, लूट, छेड़खानी की घटनाओं का अंदेशा रहता है। इसके मद्देनजर पुलिस पिकेट के अलावा चौराहों पर फोर्स को मुस्तैद रहने का फरमान है फिर भी पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है।

शुक्रवार को रात करीब दस बजे शहर के चौराहों पर पुलिस की मुस्तैदी की पड़ताल की गई तो चौक घंटाघर और भंगवा चुंगी चौराहे पर पुलिस नहीं दिखी, जबकि यह दोनों स्थान ऐसे हैं जहां पुलिस चौकी स्थापित है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब पुलिस चौकी के सामने चौकसी नहीं है तो अन्य चौराहों की क्या स्थिति होगी।

इन दोनों चौराहों के अलावा श्रीराम तिराहा, जिला अस्पताल, राजापाल टंकी चौराहा, आंबेडकर चौराहा और मीराभवन चौराहे पर भी शुक्रवार की रात पुलिस नहीं दिखी। जबकि आंबेडकर चौराहे के पास सिविल लाइन पुलिस चौकी है। रात में चौराहों पर फोर्स के न दिखने से लोग डरे सहमे रहते हैं। दूसरी तरफ रात में बाइकर्स हर चौराहों से फर्राटा भरते हुए गुजरते हैं।

शहर में कोतवाली पुलिस की पिकेट के अलावा डायल 112 पुलिस की भी ड्यूटी कागजों में लगी रहती है, लेकिन कहीं भी खाकी की आमद नहीं दिखती। कई बार ई-रिक्शा चालकों को रिजर्व करके बदमाश उनके साथ लूट की घटना को अंजाम दे चुके हैं। घटनाएं होने पर पुलिस उसे पुरानी रंजिश से जोड़कर घटना से पल्ला झाड़ लेती है।

Posted By: Jagran

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