प्रतापगढ़, ऑनलाइन डेस्क: नई दिल्ली से प्रतापगढ़ तक चलने वाली पद्मावत एक्सप्रेस चोरों और बदमाशों के कारण बदनाम है। इस ट्रेन में सफर करने के लिए यात्रियों को शराबियों और तैशबाजों का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि अनारक्षित और स्लीपर कोच में चोरी की घटनाएं भी अधिक होती हैं। यात्रियों द्वारा किसी तरह का विरोध और शिकायत न करने के कारण तैशबाजों के हौसले बुलंद हैं।

पद्मावत एक्सप्रेस में न तो किसी प्रकार की सुरक्षा देखने को मिलती है और न ही साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। आलम यह है कि ट्रेन पर शराबी और लुटेरे किस्म के भी लोग सवार हो जाते हैं जो यात्रियों से अभद्र व्यवहार और गाली गलौज तक करते हैं। इतना ही नहीं रात के समय ट्रेन पर सवार चोर यात्रियों के सामान पर हाथ साफ कर जाते हैं।

दरअसल, घटना बीते 6 जनवरी की है। इस दिन शाम तकरीबन 9 बजे ट्रेन गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां से अपने गंतव्य की ओर जाने वाले यात्री ट्रेन पर सवार हुए और इसी बीच कुछ असामाजिक तत्व भी ट्रेन में सवार हाे गए। ट्रेन पिलखुवा स्टेशन पर पहुंची भी नहीं थी, तभी तीन युवक स्लीपर कोच एस-9 में पहुंच गए। इनमें से एक ने शराब पी हुई थी और अन्य यात्रियों के पास जाकर सीट के लिए बदतमीजी करने पर उतारू था।

आरपीएफ के जवानों की डांट का भी नहीं हुआ असर

शराबी युवक की हरकतों का विरोध करने पर वह तमतमा उठा, लेकिन बाद में उसके साथी उसे आगे ले गए। हालांकि अन्य दो युवकों ने विरोध करने वाले यात्री से तैश में आकर बात की। इसके थोड़ी देर बाद आरपीएफ के दो जवान आए, जिनसे यात्रियों ने शराबी युवक की शिकायत की। इस पर उन्होंने शराबी युवक को अनारक्षित डिब्बे में जाने के लिए कहा। तब जाकर कहीं यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि बाद में उक्त शराबी युवक कोच में दोबारा आया और गाली-गलौज करता हुआ निकल गया।

महिला का बैग फेंककर भागा लुटेरा

इसी ट्रेन में तकरीबन रात के 12 बजे एक और घटना घटी, जिसमें पता चला कि एक युवक जो बिना जूतों के कोच में भागता हुआ आया और एक महिला का बैग फेंककर आगे बढ़ गया। यात्रियों में हल्ला मचा तो मालूम चला कि युवक बैग चुराकर भागा था। बाद में जानकारी करने पर बैग कृष्णावती नाम की महिला का निकला, जिसमें उसका आधार कार्ड भी रखा था। इस घटना के बाद सभी यात्रियों ने सकते में अपनी यात्रा की।

सफाई व्यवस्था भी रहती है ताक पर

इसके अलावा, ट्रेन में लगे शाैचालयों की हालत भी दयनीय ही बनी रहती है। भले ही फर्स्ट क्लास और एसी क्लास की बाेगियों में शाैचालयों में साफ-सफाई होती हो, लेकिन स्लीपर और अनारक्षित बोगियों में हालात बद से बदतर ही रहते हैं।

गौरतलब है कि रेलवे प्लेटफार्म पर अनाउंसमेंट के दौरान बोली जाने वाली टैगलाइन है कि हम आपकी सफल, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हैं, लेकिन उक्त घटनाओं से रेलवे की इस कामना पर सवालिया निशान उठता है, जिसमें सुधार की सख्त आवश्यकता है।

Edited By: Shivam Yadav

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