प्रतापगढ़ : एक निजी क्लीनिक पर इलाज के दौरान आठ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही के चलते मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पांच घंटे तक क्लीनिक के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने भीड़ को वहां से भगाकर क्लीनिक संचालक चिकित्सक को हिरासत में लिया है।

फतनपुर थाना क्षेत्र के गीता नगर बाजार स्थित एक क्लीनिक में सिलौधी गांव निवासी रामकुमार बिंद की बेटी रोशनी को शुक्रवार को सुबह लाकर भर्ती कराया गया। उसे बुखार था। चिकित्सक द्वारा बच्ची का इलाज शुरू किया गया। उसे इंजेक्शन व दवाइयां दी गईं। परिजनों का आरोप है कि बच्ची की हालत खराब होने की बात को छिपाकर घर भेज दिया गया। घर पहुंचने पर बच्ची की मौत हो गई। गुस्साए परिजन फिर शव को लेकर उसी क्लीनिक पर आ धमके और शव को वहीं रखकर प्रदर्शन किया। परिजन दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई व मुआवजे की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस के सामने ही जबरन निजी अस्पताल के कर्मियों ने शव को हटवाए जाने पर परिजन शव लेकर घर आए। सूचना पर फतनपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार तिवारी मय फोर्स के साथ पहुंचे। बच्ची के चाचा राधेश्याम बिद सहित परिजनों की मांग पर पंचनामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृत बच्ची की मां सुनीता, चाचा राधे श्याम सहित परिजन जहां उपचार में लापरवाही पर बच्ची की मौत का आरोप लगाते हुए चिकित्सक पर कार्रवाई व मुआवजे की मांग की। वहीं चिकित्सक डा. रमेश कुमार बिद का कहना है कि बच्ची को उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। परिजन जबरन आरोप लगा रहे हैं, यहां कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। इस बाबत थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की मांग पर बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। चिकित्सक को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है।

Posted By: Jagran

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