प्रतापगढ़ : ग्राम पंचायतों में सरकारी धन का दुरुपयोग करने, मनमाने तरीके से विकास कार्य कराने समेत के आरोप में जिले के चार ग्राम प्रधानों को निलंबित किया गया है। डीएम मार्कंडेय शाही के निर्देश पर डीपीआरओ ने यह कार्रवाई की है। कार्रवाई से खलबली मची हुई है। इन ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय कमेटी गठित भी कर दिया गया है।

जिले के आसपुर देवसरा ग्राम पंचायत में हैंडपंप रिबोर, इस्टीमेट स्वीकृति के पहले ही धन व्यय करने व मनमाने तरीके से मजदूरी का भुगतान करने समेत पर लाखों रुपये के गबन पर ग्राम प्रधान पूरन को डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया। इसी तरह से कुंडा ब्लाक की ग्राम पंचायत डीहा, माझिलगांव, मिश्रदयालपुर में मनरेगा मद से लाखों रुपये का दुरुपयोग हुआ था। शिकायत पर अपर आयुक्त योगेश कुमार ने जांच की थी। इसमें बड़े पैमाने पर धन की बंदरबांट का मामला सामने आया था। हालांकि उसी दौरान ग्राम पंचायत के सचिव को सस्पेंड कर दिया गया था। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, लेखा सहायक, कंप्यूटर आपरेटर, टीए के विरुद्ध कार्रवाई करते से सेवा से बाहर कर दिया था। इसमें केवल प्रधानों पर कार्रवाई नहीं हुई थी। डीएम के निर्देश पर इन प्रधानों को भी निलंबित कर दिया गया। इन सभी ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय कमेटी का गठन किया जा चुका है। डीपीआरओ लालजी दुबे ने बताया कि डीएम के निर्देश पर चार प्रधानों को निलंबित किया गया है। ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय कमेटी का गठन हो चुका है।

कई और प्रधान भी रडार पर : जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। इसमें ब्लाक स्तरीय अफसर व कर्मी भी शामिल हैं। पैसे की लालच में नियम को दरकिनार कर दिया जा रहा है। हालांकि ऊंची रसूख के चलते वह अभी बचे हुए हैं। लेकिन एक बात तो तय है कि गबन आदि करने वाले प्रधानों पर एक न एक दिन कार्रवाई होना तय है। कुंडा व आसपुर देवसरा में कार्रवाई होना यह साबित कर रहा है कि कुछ इसी तरह का खेल अधिकांश ग्राम पंचायतों में चल रहा है।

Posted By: Jagran

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