संवाद सूत्र, प्रतापगढ़ : करीब आठ महीने पहले जिस युवती की गुमशुदगी का मामला अंतू थाने में दर्ज कराया गया था, उसकी हत्या उसके पिता और तीन चाचाओं ने मिलकर की थी। शव को जला दिया था। यह राजफाश युवती के पिता, दो चाचा को गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को पुलिस ने किया।

अंतू थाना क्षेत्र के नंदलाल का पुरवा (राजापुर रैनिया) गांव निवासी प्रीती वर्मा पुत्री राजू वर्मा के गायब होने का मुकदमा उसके चाचा राजेश वर्मा ने 15 मई 2019 को अंतू थाने में दर्ज कराया था। अब पुलिस का दावा है कि प्रीती की हत्या 13 मई 2019 को उसके पिता राजू, चाचा राजेश, जमुना प्रसाद और बृजेश ने ही की थी और अगले दिन यानि 14 मई को शव सिघनी घाट पर जला दिया था। मोबाइल को भी जला दिया था और राख सई नदी में फेंक दी।

पुलिस लाइन स्थित सई कांप्लेक्स में बुधवार को एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि प्रीती गांव के ही फूलचंद्र वर्मा के भांजे राहुल वर्मा निवासी सिघनी अंतू से प्रेम करती थी। दोनों ने मंदिर में शादी भी कर ली थी। प्रीती के परिजन इससे खुश नहीं थे, और उसकी शादी सांगीपुर थाना क्षेत्र के पूरे बख्शी गांव में तय कर दी थी, 13 मई को सगाई की रस्म पूरी होने के बाद जब वर पक्ष के लोग चले गए तो रात करीब आठ बजे प्रीती ने राहुल के घर से कुछ दूर पर बुलाया था। प्रीती के घर वालों को आते देख राहुल अपनी बाइक छोड़कर भाग गया। इधर घर लाने के बाद प्रीती को उसके पिता और चाचाओं ने पीटकर मार डाला और शव जलाने के बाद 15 मई को गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने राहुल से पूछताछ के बाद प्रीती के पिता राजू, चाचा राजेश व जमुना से कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गए और पूरी घटना को बयां कर दिया।

एक चाचा है फरार

प्रीती वर्मा की हत्या में पुलिस ने पिता राजू वर्मा, चाचा जमुना प्रसाद, राजेश और बृजेश को अभियुक्त बनाया है। पिता और दो चाचा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि बृजेश फरार है।

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प्रेमी को बनाया पुलिस ने गवाह

मामले में राहुल वर्मा को पुलिस ने गवाह बना दिया है। राहुल के मुताबिक उसने प्रीती से मंदिर में शादी की थी। सगाई के दिन 13 मई 2019 को प्रीती ने उसे बताया था कि वह दोनों परिवार के तनाव को कम करने के लिए दूसरी जगह शादी करने के लिए राजी हो गई थी।

Posted By: Jagran

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