संसू, प्रतापगढ़ : धान खरीद के एक माह पूरे हो गए हैं। अभी तक प्राइवेट एजेंसियों के कुछ केंद्रों पर धान खरीद की प्रगति बेहद खराब है। ऐसे में लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। ऐसे केंद्रों पर खरीद बढ़ाने व उसकी मॉनीटरिग करने के लिए लिए केंद्रवार नोडल तैनात किए गए हैं। हालांकि नोडल भी मॉनीटरिग करने में लापरवाही बरत रहे हैं। केंद्रों पर कम खरीद होने पर एआर कोआपरेटिव ने नोडल अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे अफसरों में खलबली मची हुई है।

जिले में धान खरीद करने के लिए पीसीएफ के करीब 26 क्रय केंद्र खोले गए हैं। अभी तक इन केंद्रों पर कुल 17 हजार एमटी धान की खरीद हुई है। पीसीएफ के केंद्र छेमर सरैया, मलावा छजईपुर, बारौ, साड़ा हर्षपुर, खूंझीकला, उदईशाहपुर, आसपुर देवसरा पर सबसे कम खरीद हुई है। कई बार चेतावनी देने के बाद केंद्रों प्रभारियों ने खरीद नहीं बढ़ाई तो एआर कोआपरेटिव ने इन केंद्रों के नोडल से स्पष्टीकरण मांगा है। एआर कोआपरेटिव अमित पांडेय ने बताया कि जिन केंद्रों पर खरीद सबसे कम हुई है। संबंधित नोडल से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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निरीक्षण में केंद्रों पर डंप मिले धान, दी हिदायत

डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह शनिवार को विपणन केंद्र शाखा शिवगढ़ का औचक निरीक्षण किया। केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह मौजूद मिले। देखा तो केंद्र पर बड़े पैमाने पर धान की बोरियां डंप थी। उन्होंने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रानीगंज व केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया कि राइस मिलर्स से बात करके धान को यहां से हटवाएं। पीसीएफ के केंद्र केवलापुर नंदपट्टी पर पर्याप्त धान डंप मिला। उन्होंने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को इसे हटवाने के निर्देश दिए। लंबित भुगतान छह लाख 12 हजार रुपये व अग्रिम 10 लाख रुपये उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा क्रय केंद्र तेजगढ़ के प्रभारी को चेतावनी देते हुए कहा कि शत-प्रतिशत तौल कराएं। अन्यथा कार्रवाई होगी। विपणन केंद्र संडवा चंद्रिका समेत कई अन्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया। खरीद बढ़ाने के लिए विपणन निरीक्षक अरुणा उपाध्याय को निर्देशित किया।

Posted By: Jagran

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