प्रतापगढ़ : पटरी व ठेला दुकानदारों के अतिक्रमण ने पूरे शहर को जाम कर दिया। ऐसा कोई मार्ग नहीं है, जिस पर दिन में जाम से लोगों का न जूझना पड़े। उसी जाम में आए दिन अफसर भी फंस रहे है, लेकिन जिला प्रशासन का ध्यान अतिक्रमण की ओर नहीं जा रहा है।

शहर में सड़क की पटरी पर फल, सब्जी, चाय-पान वालों ने कारोबार फैला रखा है। वह चाहे सदर मोड़-भंगवा चुंकी चौराहा मार्ग हो या चौक-आंबेडकर चौराहा मार्ग। सड़क की पटरी गुमटी दुकानदारों ने स्थाई अतिक्रमण कर रखा है। रही सही कसर दिन में फल और सब्जी ठेला दुकानदार पूरी कर देते हैं। यही हाल राजापाल टंकी चौराहा-पीडब्ल्यूडी मार्ग और ट्रेजरी चौराहा-भंगवा चुंगी मार्ग का है। दिन में 11 बजे से शहर की हर सड़कों पर जाम लगने लगता है।

सबसे अधिक हालत चौक-राजापाल टंकी मार्ग की है। इस मार्ग पर स्टेट बैंक समेत आधा दर्जन बैंक, राजकीय इंटर कालेज, नर्सिंग होम और जिला अस्पताल व महिला अस्पताल स्थित है। इससे इस रोड पर भीड़ अधिक रहती है। दोनों अस्पतालों के गेट तक ठेला दुकानदार कब्जा किए रहते हैं, जिससे जाम में आए दिन एंबुलेंस फंसती हैं। तब अस्पताल चौकी पुलिस के दारोगा व सिपाही मशक्कत करके जाम से एंबुलेंस को निकालते हैं।

अतिक्रमण की ओर न तो नगर पालिका प्रशासन का ध्यान जा रहा है और न ही जिला प्रशासन का। ऐसा कोई दिन नहीं बीतता होगा, जब लोगों को जाम से न जूझना पड़े। तब लोगों के सामने जिला प्रशासन को कोसने के सिवाय कोई और विकल्प नहीं रहता है। साल में एक दो बार तहसील व नगर पालिका प्रशासन तेजी दिखाकर अतिक्रमण हटवाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर अफसर चुप्पी साध लेते हैं और फिर दुकानदार सड़क की पटरी पर अतिक्रमण कर लेते हैं। हर कोई व्यक्ति रोज-रोज लगने वाले जाम से निजात चाहता है, लेकिन फरियाद करें तो किससे। जब अफसरों ने ही अतिक्रमण और जाम की ओर से आंख फेर लिया है।

Posted By: Jagran

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