जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़ : कई दिन की तैयारी धरी की धरी रह गई। निरीक्षण को आए मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ मंडल के कदम जंक्शन पर पड़े ही नहीं। वह विशेष ट्रेन से आए तो, पर झलक दिखलाकर चले गए।

मंगलवार को डीएआरएम संजय त्रिपाठी को प्रतापगढ़ रेलवे जंक्शन का निरीक्षण करना था। यह उनका इस जिले का पहला दौरा था, जिसके चलते तैयारी जोरों पर थी। यहां तक की उनके आने के पहले तक तैयारी की जाती रही। सफाई का कार्य, पोर्टिको के बाहर से अवैध वाहनों को हटवाने का काम, दीवारों की दरारें भरने काम करने में विभाग के लोग जुटे रहे। पूरे जंक्शन को लकदक कर दिया गया, जिससे वास्तव में यह स्टेशन अपने ए ग्रेड के काफी करीब लगने लगा था।

अयोध्या से चली उनकी विशेष ट्रेन शाम पांच बजे जंक्शन पर पहुंची। स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र, स्टेशन मास्टर डीपी त्रिपाठी, टीआइ जेपी शुक्ला सहित अफसरों की फौज वर्दी-पेटी में तैनात थी। आरपीएफ इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार भी दल-बल के साथ सुरक्षा को लेकर सतर्क रहे। ट्रेन रुकी तो अफसरों को लगा कि साहब उतरेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। वह खिड़की से ही जंक्शन को निहारते रहे। उनके साथ एडीआरएम सहित कई अफसर भी बैठे हुए कांच से दिख रहे थे। डीआरएम की ट्रेन पांच मिनट के बाद फिर से जंघई के लिए चल पड़ी।

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देखने को था बहुत कुछ

प्रतापगढ़ जंक्शन पर देखने को बहुत कुछ था, पर साहब ने देखा नहीं। यहां पर नए बनने वाले प्लेटफार्म नंबर चार व पांच का काम बंद है। डेंगू के चलते ठेकेदार का निधन हो जाने से चार महीने से कार्य ठप है। प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर महीनों से फर्श का काम रेंग रहा है। यात्री वहां फैले मलबे में अटककर गिर रहे हैं। इस तरह की तमाम कमियों पर वह कुछ एक्शन लेते, पर ऐसा न हो सका। हालांकि अफसरों को उनके निरीक्षण न करने से बहुत सुकून मिला।

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ज्ञापन लेकर खड़े रह गए कुली

प्रतापगढ़ जंक्शन के कुली भी डीआरएम तक नहीं पहुंच सके। कुली मुन्ना लाल, राकेश कुमार, शिव मूरत, पप्पू पटेल, राम अधार, संजय कुमार, ओम प्रकाश वर्मा, शिव बहादुर ज्ञापन लेकर दोपहर से इंतजार कर रहे थे। उनको बड़े साहब से अपने लिए विश्राम स्थल सहित अन्य सुविधाओं की मांग करनी थी।

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काशी को प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी किया

वाराणसी से दिल्ली जाने वाली काशी एक्सप्रेस को हमेशा प्लेटफार्म नंबर एक पर ही खड़ा किया जाता था। वहीं डीआरएम की आगवानी के चलते इस ट्रेन को मंगलवार को प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ा कर दिया गया। इतने सारे इंतजाम के बाद भी डीआरएम जंक्शन की व्यवस्था देखने नहीं उतरे।

Posted By: Jagran

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