जासं, प्रतापगढ़ : इन दिनों देश व प्रदेश में कई मसले चर्चा में हैं। सीएए पर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। ऐसे माहौल में बुधवार को प्रतापगढ़ आए मुख्यमंत्री योगी क्या बोलते हैं, विपक्षियों पर क्या तीर चलाते हैं, राम मंदिर पर क्या कहते हैं, यह कौतूहल अंत तक बना रहा। वह करमाही में भागवत कथा के भंडारे में आए थे, शायद इसलिए राजनीतिक बयान से दूरी बनाए रहे।

जलशक्ति मंत्री डा. महेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचने से लेकर वहां से रवाना होने तक वह कहीं से भी सीएम के तेवर में नहीं दिखे। अपने गोरक्ष पीठाधीश्वर वाले स्वरूप में सहज, सौम्य अंदाज में केवल परिजनों से मिले। अपनत्व व अभिभावक के भाव से मंत्री के बच्चों का भी परिचय लिया। मंत्री डा. महेंद्र व परिजनों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया। रास्ते में दोनों ओर खड़े भाजपा नेताओं व आम जनता ने उन पर फूल बरसाए। सीएम के चेहरे पर हल्की मुस्कान रही और वह आगे बढ़ते गए। कमरे में दाखिल होने के बाद वहां बैठे पार्टी के नेताओं से संकेतों में संगठन का हाल लिया। आला अफसर बाहर ही खड़े सीएम के निकलने का इंतजार करते रहे। सीएम ने इसे पूरी तरह पारिवारिक कार्यक्रम का स्वरूप दिया और किसी अफसर को भी कुछ निर्देश नहीं दिए। किसी फरियादी ने उनको कोई प्रार्थना पत्र भी नहीं दिया। वैसे तो उनको मंत्री के घर पर केवल 20 मिनट रुकना था, पर करीब आधे घंटे का समय उन्होंने दिया।

Posted By: Jagran

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