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बच्चे करेंगे प्रेरित, मतदान के बाद चेक होंगे स्याही के निशान

सदर विधानसभा के उप चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होगा। 24 को मतगणना होगी। इसमें सदर क्षेत्र में आने वाले प्राथमिक उच्च प्राथमिक माध्यमिक इंटर कालेज व डिग्री कालेज के प्रधानाचार्य व प्राचार्यो को जिला प्रशासन पत्र लिखेगा। आग्रह करेगा कि मतदान के दिन सभी बच्चों के परिजन घर से निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। शत-प्रतिशत मतदान में अपना पूरा सहयोग दें। बच्चों को अपने अभिभावकों को मतदान करने को लेकर प्रेरित करने को कहा जाएगा।

By JagranEdited By: Published: Sat, 05 Oct 2019 11:33 PM (IST)Updated: Sun, 06 Oct 2019 06:20 AM (IST)
बच्चे करेंगे प्रेरित, मतदान के बाद चेक होंगे स्याही के निशान
बच्चे करेंगे प्रेरित, मतदान के बाद चेक होंगे स्याही के निशान

प्रवीन यादव, प्रतापगढ़ : सदर उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर प्रशासनिक अफसर विशेष जोर दे रहे हैं। इसके लिए लखनऊ में हो चुके प्रयोग को इस बार सदर विधानसभा के लिए होने जा रहे उपचुनाव में रिपीट करने की तैयारी चल रही है। इसके पीछे प्रशासन का मकसद है कि मतदान प्रतिशत बढ़े। सभी मतदान करें।

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जिले के सदर विधानसभा के उप चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होगा। 24 को मतगणना होगी। इसमें सदर क्षेत्र में आने वाले प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, इंटर कालेज व डिग्री कालेज के प्रधानाचार्य व प्राचार्यो को जिला प्रशासन पत्र लिखेगा। आग्रह करेगा कि मतदान के दिन सभी बच्चों के परिजन घर से निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। शत-प्रतिशत मतदान में अपना पूरा सहयोग दें। बच्चों को अपने अभिभावकों को मतदान करने को लेकर प्रेरित करने को कहा जाएगा। इसमें मतदान के एक दिन बाद यानि 22 अक्टूबर को स्कूल व कालेजों में अभिभावकों की मीटिंग बुलाकर यह देखा जाएगा कि जागरूकता का क्या असर रहा। किन लोगों ने मतदान किया, किसने नहीं किया। उनकी अंगुलियों पर मतदान के बाद लगायी जाने वाली स्याही के निशान देखे जाएंगे। प्रशासन के मुताबिक यह प्रयोग लखनऊ में हुए चुनाव में इसका प्रयोग हो चुका है। अब इसे सदर के चुनाव में किए जाने की व्यापक तैयारी चल रही है। पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा।

शत-प्रतिशत मतदान को लेकर स्कूली बच्चों के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके अलावा प्रधानाचार्य व प्राचार्यो को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वह बच्चों के माध्यम से उनके अभिभावकों को मतदान करने के लिए जागरूक करें। मतदान के बाद अभिभावकों की मीटिंग स्कूल में बुलाकर यह देखा जाएगा कि जागरूकता का क्या असर रहा।

- शत्रोहन वैश्य, एडीएम


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