संवाद सूत्र, कुंडा : पड़ोसी जिले कौशांबी और फतेहपुर में हुए बालू व मोरंग के अवैध खनन के मामले की जांच कर रही सीबीआइ टीम रविवार को भी कुंडा पहुंची। उसने इस दौरान तीन ट्रक मालिकों सहित कुछ लोगों से पूछताछ की। खनन माफिया की फोटो दिखाकर उनसे संपर्क के बारे में जानने का प्रयास किया।

वर्ष 2016 में फतेहपुर जिले के मझिगवां घाट से मोरंग लादकर कुंडा आ रहे गुलाब सोनकर के दो ट्रक, अशोक जायसवाल और संतेश्वर कुमार निवासी झींगुर, महेशगंज के एक-एक ट्रक को ओवरलोड पाए जाने पर कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र में आरटीओ ने सीज कर दिया था। बाद में ट्रक मालिक गुलाब सोनकर ने एक लाख बीस हजार रुपये, अशोक ने 52 हजार रुपये व संतेश्वर कुमार ने करीब 50 हजार रुपये जुर्माना चुकता करके अपनी ट्रकों को 29 जून 2016 को छोड़वा लिया था। बाद में शासन को यह जानकारी हुई थी कि फतेहपुर में जितनी जमीन के खनन का पट्टा दिया गया था, उससे अधिक जमीन पर रेत की खोदाई कराई थी। इस पर शासन ने अवैध खनन के मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी। सीबीआइ ने जब जांच शुरू की तो उक्त तीनों ट्रक मालिकों का भी नाम प्रकाश में आया।

इस बीच सीबीआइ की टीम शनिवार को कुंडा में आ धमकी। कोतवाली में ट्रक मालिक अशोक जायसवाल और गुलाब सोनकर से पूछताछ करने के बाद टीम लौट गई थी। रविवार को सीबीआइ के इंस्पेक्टर राजकुमार अपने सहयोगी के साथ दोपहर करीब 12 बजे अशोक जायसवाल निवासी हनुमत नगर कुंडा के घर पहुंचे और उनसे ट्रक सीज होने, खनन माफिया से संपर्क होने के बारे में पूछताछ की। टीम ने खनन माफिया की फोटो दिखाते हुए उनसे संपर्क के बारे में जानने का प्रयास किया। आधार कार्ड जमा करके साक्ष्य जुटाया। अशोक के घर ही टीम ने गुलाब सोनकर व ट्रक चालक अनिल कुमार का भी बयान दर्ज किया। चालक अनिल को भी खनन माफिया की तस्वीर दिखाकर पूछताछ की, लेकिन अनिल ने खनन माफिया को पहचानने से इन्कार कर दिया। टीम ने गुलाब व चालक का आधार कार्ड जमा कराया। फोन पर ट्रक मालिक संतेश्वर कुमार निवासी झींगुर बाघराय से पूछताछ की।

इसके बाद सीबीआइ टीम ने कालाकांकर और बिहार क्षेत्र में कुछ ट्रक मालिकों से भी पूछताछ की। टीम दिन भर कुंडा तहसील इलाके में भ्रमण करती रही। इस बारे में पूछने पर कोतवाल कुंडा डीपी सिंह का कहना था कि सीबीआइ टीम शनिवार को आई थी, रविवार को सीबीआइ टीम ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया। गोतनी, गंगा के कछार में हुए खनन की हो सकती है जांच

पड़ोसी जिले कौशांबी व फतेहपुर में हुए अवैध खनन के मामले की चल रही जांच का दायरा बढ़ सकता है। यह संभावना जताई जा रही है कि जिले के गोतनी, दिलेरगंज, शहाबपुर सहित गंगा के कछार में किए गए बालू खनन की भी सीबीआइ जांच कर सकती है। सीबीआइ ने रविवार को दोपहर ट्रक मालिकों से पूछताछ के दौरान कुंडा तहसील क्षेत्र में वर्ष 2017-18 में हुए गंगा के कछार में बालू खनन के बारे में भी पूछताछ की। सीबीआइ टीम ने ट्रक मालिक गुलाब से यह पूछा कि जब कुंडा इलाके में गंगा नदी के कछार में बालू का खनन हो रहा था तो उसमें भी बालू की ढुलाई की होगी। इस पर गुलाब ने बालू की ढुलाई न करने की बात बताई। इस पूछताछ से यह कयास लगाया जा रहा है कि बीते वर्षों में गंगा नदी के कछार शहाबपुर, गोतनी, दिलपेरगंज आदि स्थानों पर करोड़ों रुपये का बालू की जो खोदाई कराई गई थी, उसकी जानकारी सीबीआइ के पास है।

Posted By: Jagran

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