प्रतापगढ़ : ब्लाक लक्ष्मणपुर क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय चमरूपुर में शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने बेसहारा मवेशियों को ले जाकर बंद कर दिया। इससे विद्यालय में पठन-पाठन नहीं हो सका। करीब चार घंटे बाद विद्यालय के पास से ग्रामीणों के चले जाने के बाद मवेशियों को बाहर निकाला जा सका।

ब्लाक लक्ष्मणपुर क्षेत्र अंतर्गत चमरुपुर गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे लगभग सौ बेसहारा मवेशियों को गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में ले जाकर बंद कर दिया। लाठी व डंडा लिए आक्रोशित ग्रामीण विद्यालय के गेट पर जमा हो गए। लोग मवेशियों को गो आश्रय केंद्र भेजे जाने की मांग करते हुए फोन पर एसडीएम लालगंज को सूचना दी। एसडीएम विनीत उपाध्याय ने बीडीओ लक्ष्मणपुर अंजू देवी वर्मा को मवेशियों की व्यवस्था बनाकर स्कूल परिसर खाली कराने का निर्देश दिया। इधर करीब साढ़े आठ बजे से स्कूल शिक्षक व बच्चे वहां पहुंचे तो विद्यालय परिसर में मवेशियों को बंद और लाठी-डंडा लिए ग्रामीणों को खड़े देख गेट पर रुक गए। इसी बीच प्रधानाध्यापक विजय भारती वहां पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। प्रधानाध्यापक ने बताया कि मामले की सूचना खंड शिक्षाधिकारी गौतम प्रसाद को दी गई। इसके बाद स्कूल आए करीब 70 बच्चों को उनके घर भेज दिया गया। इससे पठन-पाठन नहीं हो सका। वहीं विद्यालय में मवेशियों के बंद होने की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल शरद चंद व हंड्रेड डायल पुलिस पहुंची। लेखपाल ने वाहन मंगाकर मवेशियों को शीघ्र गो आश्रय केंद्र भेजवाने की बात ग्रामीणों से कही, फिर भी ग्रामीण वहीं डटे रहे। इसके बाद करीब 11 बजे अचानक लेखपाल ने ग्रामीणों से कहा कि आप लोग अपने घर जाएं नहीं तो स्कूल में मवेशियों को जबरन बंद करने पर आप सभी पर मुकदमा दर्ज होगा। यह सुनते ही धीरे-धीरे ग्रामीण वहां से चले गए। इसके बाद लेखपाल ने सेक्रेटरी आशा पाल व प्रधान जवाहर लाल मौर्य के साथ मवेशियों को स्कूल से बाहर निकाला।

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