पट्टी : एक तरफ शासन द्वारा गरीब कार्ड धारकों को खाद्यान्न के साथ ही नमक चना रिफाइंड उपलब्ध कराया जा रहा है। दूसरी तरफ कोटेदार कार्ड धारकों के मिलने वाले इस सुविधा को हजम कर ले रहे हैं। शिकायत के बाद डीएम के आदेश पर मामला सही जाए पाए जाने पर पट्टी क्षेत्र के दो कोटेदारों के विरुद्ध रविवार को पट्टी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। इससे राशन हजम करने वाले कोटेदारों में खलबली मच गई है। क्षेत्र के गड़ौरी खुर्द के कोटेदार कृष्ण प्रकाश के विरुद्ध दो दर्जन से अधिक कार्ड धारकों ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि पास मशीन पर अंगूठा लगाए जाने के बाद भी कोटेदार ने रिफाइंड, चना, नमक समेत खाद्यान्न उन्हें वितरित नहीं किया।डीएम ने पूर्ति निरीक्षक लालगंज राज सिंह से प्रकरण की जांच कराई तो मामला सही पाया गया। पूर्ति निरीक्षक देवी प्रसाद तिवारी ने 28.52 कुंतल गेहूं, 14.75 कुंतल चावल, 60 किलो चना, 60 किलो नमक तथा 60 किलो रिफाइंड आयल की कालाबाजारी करने पर कोटेदार कृष्णप्रकाश के विरुद्ध सरकारी खाद्यान्न कालाबाजारी की तहरीर पट्टी कोतवाली में दी। इसी तरह विकासखंड पट्टी के पट्टी ग्रामीण के कोटेदार जीतलाल का कोटा तहसील प्रशासन ने निरस्त कर दिया था। कोटा निरस्त होने के बाद प्रशासन ने आम आदमी की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोटा सरसतपुर की सरकारी राशन दुकान से संबद्ध कर दिया था। सरसतपुर की कोटेदार आरती ने प्रशासन को बताया कि सितंबर 2021 का बकाया राशन 106 कुंतल गेहूं तथा 45 दशमलव 77 कुंतल चावल उसे वितरण के लिए नहीं उपलब्ध कराए गए। कोतवाल नंदलाल सिंह ने बताया कि दोनों मामले में तहरीर के आधार पर नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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