प्रतापगढ़ : करीब साल भर पहले विश्वनाथगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में लूट हरियाणा और राजस्थान के बदमाशों ने की थी। कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए 50 हजार के इनामी बदमाश ने घटना को कबूल किया था। घटना को छह बदमाशों ने अंजाम दिया था।

मानधाता थाना क्षेत्र के विश्वनाथगंज बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की सहेरुआ शाखा में पांच दिसंबर 2018 को दोपहर 2:45 बजे बदमाशों ने धावा बोल दिया था। बैंक कर्मियों को पिस्टल सटाकर 7.79 लाख रुपये लूट ले गए थे। उस घटना में बैंक के प्रबंधक ज्योतिष यादव ने तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर बदमाशों का सुराग लगाने का प्रयास किया था। करीब ढाई महीने तक मानधाता पुलिस और स्वाट टीम ने प्रयास किया, लेकिन घटना का पर्दाफाश नहीं कर सके।

घटना के 75 दिन बाद कानपुर में चकेरी थाने के एसओ रणजीत राय ने मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी बदमाश राजू पुत्र टुंडा निवासी मेड़ौली, हसनपुर हरियाणा को गिरफ्तार किया। कानपुर पुलिस ने राजू को कर्रा किया तो उसने कबूल किया कि उसने साथियों के साथ पांच दिसंबर को प्रतापगढ़ में बैंक ऑफ बड़ौदा में लूट की थी। राजू से पूछताछ में बैंक में लूट शामिल रहे बिजुआ उर्फ विजय सिंह पुत्र कुकपाल जटौली, थाना हैली मंडी हरियाणा, अमर सिंह पुत्र राजकुमार सिंह निवासी साहेना गुड़गांव हरियाणा, दीपक पुत्र समय सिंह व समय सिंह पुत्र रोहतान निवासीगण समेरा ददावल भरतपुर राजस्थान और सूरज पुत्र कुलआ निवासी खुर्जा बुलंदशहर का नाम सामने आया था।

राजू की गिरफ्तारी के समय बिजुआ, अमर सिंह, दीपक व सूरज जानलेवा हमले में गौतमबुद्ध नगर जेल में बंद थे। जबकि समय सिंह दो साल पहले नवाबगंज थाना क्षेत्र में हुई हत्या व लूट के मामले में प्रतापगढ़ जेल में बंद था। मानधाता पुलिस को जब यह जानकारी मिली कि राजस्थान और हरियाणा के बदमाशों ने बैंक लूटा था तो वह हैरत में पड़ गई, क्योंकि मानधाता पुलिस तो जिले के अलावा प्रयागराज के बदमाशों पर ही शक कर रही थी। सीओ क्राइम आलोक सिंह ने बताया कि कानपुर में पकड़े गए बदमाश राजू से बैंक लूट की घटना का पर्दाफाश हुआ था।

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