मानिकपुर: मानिकपुर नगर का ऐतिहासिक बाली वध मेला मिलिट्री ग्राउंड बड़ी बाग में कल 21 अक्टूबर को लगेगा। कमेटी द्वारा मेला ग्राउंड में पहुंचने वाली चौकियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा, लेकिन रात्रि में जवाबी कीर्तन और दूसरे दिन 22 अक्टूबर को होने वाली नौटंकी का कार्यक्रम नहीं किया जाएगा। मेला कमेटी के अध्यक्ष विमल पांडे और प्रबंधक आकाश कसेरा ने क्षेत्रीय लोगों से कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए मेला प्रांगण में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कल अपराहन तीन बजे सिद्ध पीठ मां ज्वाला देवी धाम से राम दल की अगुवाई में प्रमुख चौकी निकाली जाएगी। साथ में सहायक रामलीला मेला कमेटी के सदस्यों एवं पदाधिकारियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दिए गए गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए अपनी अपनी चौकियों को नियत समय पर ज्वाला देवी प्रांगण में पहुंचे। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष बाली वध मेले की महज औपचारिकता ही पूर्ण की गई थी। परंतु इस वर्ष जनपद के प्रसिद्ध भरत मिलाप मेले के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद मेले को सकुशल संपन्न कराने का प्रयास कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। मेला कमेटी के अध्यक्ष और प्रबंधक ने प्रशासनिक अधिकारियों व क्षेत्रीय लोगों से मेले को संपन्न कराने की अपील की है। कलयुग में भागवत कथा जनकल्याणकारी : कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा जन कल्याणकारी है। जीवन में एक बार भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। यह बातें बाबा बेलखरनाथ धाम ब्लाक क्षेत्र के सिधारी पट्टी गांव में घनश्याम तिवारी के संयोजन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक आचार्य पं उमापति मिश्र ने मंगलवार को कही। उन्होंने कहा कि भागवत कथा श्रवण के ही प्रभाव से राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। श्री कृष्ण गोविद हरे मुरारे हे नाथ नारायण वासुदेवा के संकीर्तन के साथ कथा को विराम दिया गया। इस अवसर पर ओम शंकर तिवारी, इंद्रमणि पांडेय, कान्हा तिवारी, रामचंद्र मिश्र, अनिल पांडेय, अशोक तिवारी, ललित पांडेय आदि मौजूद रहे।

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