संसू, प्रतापगढ़ : धान की खरीद करने में प्राइवेट एजेंसियों के केंद्र प्रभारी लापरवाही बरत रहे हैं। इसकी मॉनिटरिग करने में एजेंसियों के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा भी लापरवाही बरती जा रही है। दैनिक जागरण ने इस मुद्दे को लेकर लगातार अभियान चलाया और प्रशासन भी हरकत में आ गया। डीएम मार्कंडेय शाही ने पीसीएफ, यूपी एग्रो के क्षेत्रीय प्रबंधक विनय सिंह व कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रबंधक राम जतन यादव के विरुद्ध कार्रवाई के लिए एजेंसियों के एमडी को पत्र लिखा है। इन पर जल्द ही कार्रवाई होगी।

धान खरीद एक नवंबर से शुरू है। प्राइवेट एजेंसियों में पीसीएफ के 26, यूपी एग्रो के चार व कर्मचारी कल्याण निगम के तीन केंद्रों पर खरीद हो रही है। इसमें पीसीएफ लक्ष्य 21 हजार एमटी के सापेक्ष 797 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम के लक्ष्य 2100 के सापेक्ष 170 एमटी खरीद हुई है। खास बात यह है कि शुक्रवार तक यूपी एग्रो के सभी केंद्रों पर धान की खरीद की प्रगति शून्य रही। डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह के निरीक्षण में अब तक अधिकांश केंद्रों पर सबसे कम खरीद होना पाया गया। किसानों के बैठने का कोई इंतजाम नहीं हैं। कुछ केंद्रों पर तो केंद्र प्रभारी ही नहीं मिले। बाहरी लोगों के जिम्मे केंद्र मिला। बोरे की उपलब्धता न होने की बात कहकर किसानों को वापस करने समेत तमाम अव्यवस्थाएं मिली। उन्होंने जिला खरीद अधिकारी शत्रोहन वैश्य को इसकी रिपोर्ट भेजी। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी रिपोर्ट शासन में भेजी है।

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विपणन सहायक को चेतावनी, खरीद पर जोर

डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह शनिवार को विपणन केंद्र लालगंज का औचक निरीक्षण किया। केंद्र की दीवारों की शासन के निर्देशों की वॉल पेटिंग न कराए जाने पर विपणन सहायक आदित्य प्रकाश मिश्र को कठोर चेतावनी दी। इसके बाद वह विपणन केंद्र सांगीपुर पहुंचे। वहां पर धान विक्रय कर रहे किसानों से बात की। विपणन निरीक्षक नितिन परिहार को खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने विपणन केंद्र लक्ष्मणपुर का निरीक्षण किया। किसानों के लिए पानी का इंतजाम न देख केंद्र प्रभारी को फटकार लगाई। पीसीएफ केंद्र बसुआ का निरीक्षण किया। केंद्र प्रभारी संजना यादव के मुताबिक 11 किसानों की फीडिग हुई थी। इसमें केवल एक किसान का ही भुगतान हुआ है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि निरीक्षण में जो अव्यवस्थाएं मिल रही है। संबंधित पर कार्रवाई भी हो रही है।

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मंडलीय अफसर के औचक निरीक्षण से खलबली

संसू, प्रतापगढ़ : क्रय केंद्रों पर केंद्र प्रभारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए खुद प्रयागराज मंडल के संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी दुर्गेश प्रसाद को मैदान में उतरना पड़ा। वह शनिवार को विपणन केंद्र मानधाता का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षक सतीश पांडेय से खरीद के बारे में जानकारी ली। वहां मौजूद किसानों से भी बात की। उन्होंने निरीक्षण से खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए। मंडलीय अफसर के आने की सूचना से केंद्र प्रभारी सतर्क रहे। एक-दूसरे केंद्र प्रभारियों से उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी लेते रहे। इसके पहले केंद्र पर एसडीएम सदर विजयपाल सिंह ने भी निरीक्षण कर खरीद के बारे में जानकारी ली।

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बोरियों के अभाव में धान खरीद पर संकट

संसू, कुंडा : तहसील क्षेत्र में किसानों की सहूलियत के लिए 10 क्रय केंद्र खोलने का आदेश हुआ था, इसमें से केवल नौ केंद्र ही संचालित है। कुछ केंद्रों पर सरकार की तरफ से मिलने वाली बोरियों के न पहुंचने से खरीद संकट में है। किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

तहसील क्षेत्र में विपणन के चार, पीसीएफ के चार व यूपी एग्रो का एक धान क्रय केंद्र खोला जाना था। क्रय केंद्र हरनामगंज में लक्ष्य 20 हजार कुंतल के सापेक्ष महज 131.20 किलो ही धान की खरीद हुई है।

बाघराय संवाद सूत्र के अनुसार किसानों की धान की खरीद के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं। इसमें बारौं, मलावा छजईपुर, सिया व बिहार शामिल है। केंद्रों पर 11 हजार कुंतल धान खरीदने का लक्ष्य है। अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। बाल कृष्ण तिवारी सचिव ने बताया 16 लोगों का नामांकन हुआ है, जल्दी ही अनुमोदित होने के बाद अब शुरू हो जाएंगी। मलावा छजईपुर केंद्र पर अभी धान की खरीद चालू नहीं हुई है। यहां का धान खरीद लक्ष्य 12 हजार कुंतल का है। 18 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ हैं। बोरी भी उपलब्ध है। विपणन केंद्र बिहार में अब तक 157 किलो धान की खरीद पांच किसानों द्वारा की गई है। लगभग 105 किसानों के नाम पंजीकृत कराया है। यूपी एग्रो के केंद्र सिया गांव में 50 कुंतल धान की खरीद हुई है। केवल चार किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन पंजीयन होने से खरीद में देरी हो रही है। अपर जिला सहकारी अधिकारी कुंडा अजय कुमार मौर्य ने बारौं व मलावा छजईपुर का निरीक्षण किया। अपर जिला सहकारी अधिकारी कुंडा ने बताया की किसानों को उनके उत्पाद का मूल्य दिलाना सरकार का कर्तव्य है। अब बिचौलिए धान बेचने में कामयाब नहीं होंगे। अगर किसानों की गाढ़ी मेहनत पर कोई हेरफेर करते हुए पाया गया तो कार्रवाई होना तय है। परियावां संवाद सूत्र के अनुसार आलापुर स्थित एफसीआई सेंटर पर कुल धान खरीद लक्ष्य 18 हजार कुंतल है। जिसमें कि अभी तक तीन किसानों द्वारा 105 कुंतल की खरीद हो पाई है। कम खरीद होने को लेकर जब विपणन अधिकारी त्रिलोकी भारती से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किसानों का नाम फीड करके लखनऊ भेज रहे हैं। किसानों के खाते में लखनऊ से पैसा भेजा जाएगा। जिसको लेकर किसानों में डर है कि कब पैसा मिले कब ना मिले, इसलिए धान की खरीद कम हो पा रही है। वही सेंटर पर धान बेचने आए सैफू का पुरवा गांव निवासी अभय त्रिपाठी ने बताया कि सेंटर पर बैठने के लिए किसानों को सुविधा नहीं है। ना ही पीने के लिए पानी है और हम ही से जनरेटर मंगाकर धान की मशीन द्वारा सफाई कराई जा रही है। त्रिलोकी ने केंद्र पर पानी पीने की व्यवस्था कराई।

बाबागंज संवाद सूत्र के अनुसार क्रय केंद्र हीरागंज में 20 हजार कुंतल का लक्ष्य है। 218 कुंतल धान की खरीद हो चुकी है, जबकि साडा हर्षपुर व राजापुर में पीसीएफ के खुले धान क्रय केंद्रों पर होने वाली खरीद का जानकारी एमआइ बाबागंज द्वारा नही दी जा सकी। फिलहाल साड़ा हर्षपुर व राजापुर धान क्रय केंद्रों पर अभी तक बोरियों के न होने से धान की खरीद नही हो सकी थी, जबकि दोनों धान क्रय केंद्रों का लक्ष्य सात सौ मीट्रिक टन है।

Posted By: Jagran

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