संग्रामगढ़, प्रतापगढ़ : पुलिस मुठभेड़ में फरार चल रहे आरोपित युवक की ईंट से कूचकर हत्या कर दी गई। रविवार को दोपहर उसका शव संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के बसोय गांव में नहर पटरी के किनारे झाड़ियों में मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

लालगंज कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बावली गांव निवासी मोहम्मद शाहिल उर्फ अमजद (20) पुत्र मोहम्मद शाहिद के घर शनिवार को साढ़े चार बजे उसके तीन दोस्त पहुंचे और उसे लेकर चले गए। इसके बाद शाहिल घर लौटकर नहीं आया। देर रात तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। ईंट से कूंचकर उसकी हत्या कर दी गई और शव संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के बसोय गांव में नहर किनारे फेंक दिया गया।

इस बीच शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बसोय गांव के ग्रामीणों ने देखा कि नहर के किनारे झाड़ियों में एक युवक का रक्तरंजित शव पड़ा है। ईंट से दाहिनी तरफ कनपटी के पास सिर कूचा गया था। जानकारी होने पर सपा नेता महेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना की सूचना तत्काल संग्रामगढ़ एसओ को दी। एसओ तुषार त्यागी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि रक्त रंजित शव के पास ईंट भी पड़ा है। मृतक रूद्राक्ष की माला और हाथ में कड़ा पहने था। एसओ ने तलाशी ली तो पैंट में शाहिल का आधार कार्ड मिला, इससे मृतक की पहचान हो सकी। एसओ ने घटना की जानकारी लालगंज कोतवाल को दी। लालगंज पुलिस ने शाहिद के परिजनों की घटना जानकारी दी।

घटना की जानकारी मिलने पर शाहिल की भाभी सानिया बानो पत्नी शेर अली, तबस्सुम बानो पत्नी वाहिद अली समेत परिजन भागकर घटनास्थल पर पहुंची और मृतक की पहचान की। इसके बाद संग्रामगढ़ एसओ ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की भाभी सानिया ने बताया कि तीन परिचित युवक शाहिल को घर से बुलाकर ले गए थे। एसओ तुषार त्यागी ने बताया कि शाहिल मुठभेड़ में फरार चल रहा था।

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आपराधिक प्रवृत्ति के हैं भाई, एक जेल में : लालगंज पुलिस के अनुसार मृतक के तीन और भाई आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। जबकि मृतक पर पुलिस मुठभेड़, जानलेवा हमला समेत तीन मुकदमा दर्ज था। रामपुर बावली गांव निवासी मोहम्मद शाहिल उर्फ अमजद छह भाई थे। शाहिल पांचवें नंबर पर था। सबसे बड़ा भाई वाहिद अली पप्पू, फिर शेर अली उर्फ सोनू, शाहबान उर्फ मोनू , आजम उर्फ गोलू, शाहदीन और तीन बहन गुड़िया, खुशबू, ना•ानीन हैं। शाहिल पर पुलिस मुठभेड़ समेत तीन मुकदमा दर्ज था। 30 अगस्त की रात हेड कांस्टेबल चंद्रिका यादव सिपाही पंकज कुमार गश्त पर थे। रामपुरबावली चौराहे पर पुलिस टीम ने बाइक सवार पांच संदिग्ध को तेज गति से आते देख उन्हें रुकने का इशारा किया था, जिस पर बाइक सवार लोग पुलिस पर फायरिंग कर भाग निकले थे। हेड कांस्टेबल चंद्रिका यादव ने शाहिल उर्फ अमजद, उसके भाई मोनू, समेत पांच आरोपित पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।

30 अगस्त की रात कुछ देर बाद रामपुरबावली चौराहे पर पुलिस टीम ने बाइक पर सवार तीन लोगों को रुकने का इशारा किया तो वह पुलिस टीम पर फायरिग करके भागने लगे थे। पुलिस ने जवाबी फायरिग की तो शातिर बदमाश सुनील गुप्ता पुत्र शिव बहादुर गुप्ता निवासी पूरे हरिकिशुन लालगंज को गोली लगी थी। पुलिस ने सुनील व उसके दो साथियों पर मुकदमा दर्ज कराया था।

शाहिल पर 30 अगस्त की मुठभेड़ के अलावा मई महीने में पड़ोसियों से किए गए जानलेवा हमले का भी मुकदमा दर्ज है, उस घटना में वह जेल गया था, लेकिन बाद में जमानत पर छूट गया था। वर्ष 2018 में शाहिल चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार हुआ था, जिसमें वह जेल गया था। शाहिल का एक भाई शेर अली उर्फ सोनू आठ साल से जेल में बंद है, उसे उम्र कैद की सजा हुई है। जबकि सबसे बड़ा भाई वाहिद अली उर्फ पप्पू जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद है। तीसरे भाई मोनू को पुलिस मुठभेड़ में फरार चल रहा है। कोतवाल सुभाष यादव ने बताया कि शाहिल के चार भाई आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। शाहिल पुलिस मुठभेड़ में फरार चल रहा था।

Posted By: Jagran

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