प्रतापगढ़ : विकास कार्य कराने के नाम पर ग्राम पंचायतों में सरकारी धन का इस्तेमाल करने के बजाय गबन किया जा रहा है। कुछ ही कार्य कराकर उसे पूरा दिखा दिया जा रहा है। प्रधान ने इस मामले की शिकायत डीपीआरओ से की है। प्रधान का आरोप है कि पूर्व डीपीआरओ ने नियम विरुद्ध कार्रवाई की है।

जिले की मंगरौरा ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत दरछुट में विकास कार्यों में लाखों रुपये का गबन होने का मामला सामने आया है। प्रधान राम बहादुर वर्मा का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने फर्जी शिकायत की थी। एडीपीआरओ व अल्प बचत अधिकारी ने संयुक्त रूप से जांच की थी। शिकायतकर्ता ने दबाव बनाकर पूर्व डीपीआरओ उमाकांत पांडेय के माध्यम से मेरे विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करा दी। निलंबन के बाद ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। जिसमें राज्य वित्त, 14वां वित्त के खाते से 10 लाख 96 हजार 900 रुपये, निर्मल भारत अभियान के खाते से छह लाख 40 हजार 375 रुपये शौचालय निर्माण कराने के नाम पर निकाल लिया। इसके अलावा भी ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के नाम पर पांच लाख 50 हजार रुपये और निकाला गया। इस तरह से कुल 22 लाख 86 हजार 375 रुपये का गबन किया गया। हालांकि बाद में कोर्ट ने नवंबर माह में प्रधान को बहाल कर दिया। उन्होंने जब खाते का विवरण निकलवाया तो पता चला कि समिति के लोगों ने सारा पैसा निकालकर दुरुपयोग कर लिया है। प्रधान ने इस मामले की शिकायत डीपीआरओ से की है। डीपीआरओ ने बताया कि सरकारी धन का गबन किए जाने की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है।

Posted By: Jagran

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