कुंडा : हथिगवां थाना क्षेत्र के भद्शिव गांव में बुधवार की शाम दुअर नदी में डूबी सीमा का शव मशक्कत के बाद 22 घंटे बाद निकाला जा सका। घास काटने जाते समय चाची सीमा व भतीजी सविता दुअर नदी में डूब गई थी। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने सविता को बचा लिया, जबकि सीमा गहरे पानी में डूब गई थी। उसका शव मिलने के बाद परिजनों में रोना पिटना मच गया।

सीमा के गहरे पानी में समाने की सूचना मिलते ही एसओ बालकृष्ण शुक्ला पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और तलाश कराना शुरू कर दिए। काफी प्रयास के बाद भी पता नहीं चल सका था। गुरुवार की सुबह फिर ग्रामीणों ने नाव के सहारे नदी में उसकी तलाश की। दोपहर करीब एक बजे उसका शव नदी में डाले जा रहे कांटे के बीच फंस गया। उसे बाहर निकाला गया। नदी के किनारे सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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चार बच्चे हुए अनाथ

सीमा के एक बेटा व तीन बेटी है। इनमें पांच वर्षीय सौरभ, चार वर्षीय सुहानी, तीन वर्षीय मानसी व दो वर्षीय नैना है। गुरुवार की शाम असमय काल के गाल में समाई सीमा अपने पीछे चार मासूम बच्चों को छोड़कर चली गई। मासूम बच्चों को यह भी नहीं पता कि अब उसे प्यार करने वाली मां कभी लौटकर नहीं आएगी। बच्चे घटना से अंजान घर पर खेल रहे थे और परिजन सिसकियां ले रहे थे।

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अब भी डरी है सविता

हथिगवां थाना क्षेत्र के भद्शिव गांव की सविता डूबने का गम नहीं भुला पा रही थी। वह अपने परिजनों के साथ गुरुवार को घर पर मौजूद थी। पूछने पर वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। बार-बार बोलने का प्रयास कर रही सविता के मुंह से ठीक से आवाज नहीं निकल रही थी। उधर सविता को उसकी चाची की मौत ने झकझोर कर रख दिया था। शायद उसकी निगाह के सामने डूबने की घटना बार-बार याद आ रही थी। परिजनों ने उसका स्थानीय चिकित्सालय में इलाज कराया।

By Jagran