प्रतापगढ़ : जिले भर के अधिकांश ग्राम पंचायतों ने जीएसटी नंबर नहीं लिया है। वह हर साल करोड़ों रुपये विकास कार्यों में व्यय कर रही हैं। वाणिज्य विभाग की धारा 51 के तहत इन ग्राम पंचायतों को विभाग से जीएसटी नंबर लेने का प्रावधान है। नंबर न लेने से विभाग का काफी नुकसान हो रहा है।

जिले भर में 1241 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें से करीब 12 सौ ग्राम पंचायत ऐसी हैं जो जीएसटी नंबर नहीं लिया है। वह हर साल ग्राम पंचायत में विकास कार्यों यानि इंटरलॉकिग, तालाब की खोदाई, मनरेगा आदि के तहत कार्य कराने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। नियम है कि जीएसटी की धारा 51 के तहत ऐसी संस्थाओं को जीएसटी नंबर लेना चाहिए। ढाई लाख पर दो प्रतिशत टीडीएस भी काटने का प्रावधान है, लेकिन ग्राम पंचायतें ऐसा नहीं कर रही है। वाणिज्य कर विभाग ऐसी ग्राम पंचायतों की सूची तैयार कर रही हैं। जल्द ही शिकंजा भी कस सकती हैं।

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सचिव, वीडीओ की है जिम्मेदारी

ग्राम पंचायतों का जीएसटी नंबर न होने पर पंचायत सचिव व वीडीओ की लापरवाही मानी जाएगी। ऐसा हम नहीं वाणिज्य कर विभाग कह रहा है। विभाग का यह भी दावा है कि इसमें सचिव व वीडीओ की ही जवाबदेही होगी। इसमें जीएसटी के प्रावधानों के अंतर्गत इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

खर्च का ब्यौरा जुटा रहा महकमा : जिले में किन ग्राम पंचायतों में कितना खर्च किया गया है। उसका पूरा ब्यौरा वाणिज्य कर विभाग तैयार कर रहा है। इसमें अफसर यह देख रहे हैं कि ढाई लाख रुपये से अधिक कितनी ग्राम पंचायतों में खर्च हुआ है। इससे उनको कार्रवाई करने में आसानी होगी।

Posted By: Jagran

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