प्रतापगढ़ : प्रो राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय प्रयागराज ने परीक्षा एवं परिणाम बनाने के पैटर्न में भी बदलाव कर दिया है। पहले 33 प्रतिशत अंक पाने वाले परीक्षार्थी उत्तीर्ण माने जाते थे, कितु अब 35 प्रतिशत अंक पाने वाले परीक्षार्थी ही पास समझे जाएंगे। इससे कम प्राप्तांक के विद्यार्थी फेल माने जाएंगे।

35 प्रतिशत के प्राप्तांक में आंतरिक सतत मूल्यांकन के भी अंक शामिल होंगे। इससे विद्यार्थियों का कुल प्राप्तांक प्रतिशत निश्चित रूप से बढ़ जाएगा और विद्यार्थियों के फेल होने की संभावना भी कम होगी। नई व्यवस्था के अंतर्गत 90 प्रतिशत से अधिक प्राप्तांक के विद्यार्थियों को ओ ग्रेड तथा 35 प्रतिशत से कम प्राप्तांक वाले विद्यार्थी को एफ ग्रेड अर्थात फेल का ग्रेड प्राप्त होगा। इसी प्रकार विभिन्न प्राप्तांक प्रतिशत के लिए अलग-अलग ग्रेड निर्धारित किए गए हैं। विश्वविद्यालय ने परीक्षा के प्रश्नपत्र पैटर्न में भी बदलाव किया है। अब अति लघु उत्तरीय तीन प्रश्न करने होंगे, जिनमें प्रत्येक प्रश्न तीन अंक के होंगे। लघु उत्तरीय प्रश्न चार करने होंगे जिनमें प्रत्येक नौ अंकों का होगा। जबकि दीर्घ उत्तरीय प्रश्न दो करने होंगे और प्रत्येक 15 अंकों का होगा। इस प्रकार विश्वविद्यालयीय लिखित परीक्षा 75 अंकों की होगी। 25 अंक आंतरिक सतत मूल्यांकन के होंगे, जो महाविद्यालय के द्वारा आंतरिक परीक्षा से दिए जाएंगे। सह जानकारी देते हुए एमडीपीजी कॉलेज के जनसूचना अधिकारी डॉ. सीएन पांडेय ने बताया कि इस परीक्षा का प्रत्येक टेस्ट अधिकतम एक घंटे का होगा, जोकि विवरणात्मक होगा। उन्होंने बताया कि अब 33 के स्थान पर 35 प्रतिशत अंक पाने वाले ही पास माने जाएंगे।

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