कौशांबी : कर्ज लेकर बेटियों का हाथ पीला करने वालों के लिए खराब खबर है। बजट के अभाव में लाभ लेने के लिए जमा हुए सभी आवेदन पत्रों पर शादी अनुदान का लाभ नहीं दिया जा सकता। मांग के सापेक्ष बजट न मिल पाने की वजह से सरकार ने गरीबों को तगड़ा झटका दिया है।

गरीबों को अपनी बेटियों की शादी करने में दिक्कत न हो। इसके लिए शादी अनुदान योजना चलाई गई है। इस योजना का लाभ पाने के लिए शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीबों की वार्षिक आय 24 हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों की वार्षिक आय 19 हजार 200 रुपये होनी चाहिए। सामान्य वर्ग के 359 लोग व अनुसूचित वर्ग के 1978 लोगों ने अपनी बेटियों की शादी करने के बाद योजना का लाभ पाने के लिए समाज कल्याण कार्यालय में महीनों से फार्म जमा किया है। इनमें से कई लोग अपनी बेटी के ब्याह में साहूकारों से कर्ज भी ले चुके हैं। योजना का लाभ पाने के बाद कर्ज की अदायगी करने का संकल्प लिया था, लेकिन अब उन्हें मायूस होना पड़ रहा है। मांग के सापेक्ष शासन से बजट न अवमुक्त हो पाने के कारण सभी आवेदकों को शादी अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।

इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि सामान्य वर्ग के 359 व अनुसूचित वर्ग के 1978 लोगों ने शादी अनुदान का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र जमा किया है। अधिकतर आवेदकों का सत्यापन भी करा लिया गया है, लेकिन इस योजना के तहत एक करोड़ 26 लाख रुपये बजट शासन से अवमुक्त किया गया है। ऐसी स्थिति में 1260 लोगों को ही शादी अनुदान का लाभ दिया जाएगा। कहा कि पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर पात्र लाभार्थियों को शादी अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

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