पीलीभीत : पीलीभीत को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने वाले ट्रैक पर एक्सप्रेस ट्रेनों का इंतजार बढ़ सकता है। इसका कारण है टनकपुर में पिटलाइन के निर्माण की देरी। लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन ही अटका है। दिल्ली, मथुरा, आगरा या अन्य बड़े शहर जाने के लिए जिले के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

पीलीभीत से टनकपुर रेलखंड पर चार और बरेली सिटी तक पाच जोड़ी पैसेंजर ट्रेन संचालित हैं। आमान परिवर्तन के बाद ब्रॉडगेज पर टनकपुर से होकर दिल्ली, मथुरा और आगे मुंबई व दक्षिण तक ट्रेनें संचालित होने की तैयारी थी। जनप्रतिनिधियों की मांग पर रेलवे बोर्ड ने इसकी मंजूरी भी दे दी। रोजगार की तलाश में दिल्ली व अन्य महानगर जाने वालों को सहूलियत की उम्मीद जागी थी। लेकिन, टनकपुर की पिटलाइन का अधूरा निर्माण उम्मीदों को रेड सिग्नल दिखा रहा है।

रोडवेज के महंगे सफर को मजबूर लोग

शहर से रोजगार या अन्य कार्य के लिए दिल्ली, नोएडा आदि महानगर जाने के लिए लोगों को या तो पैसेंजर ट्रेन से बरेली, मथुरा जाना पड़ता या रोडवेज का महंगा महंगा सफर करना पड़ रहा है। अन्य विकल्प भी नहीं हैं।

डीआरएम की फटकार भी बेअसर

पिछले दिनों इज्जत नगर रेल मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार सिंह ने पीलीभीत-टनकपुर ट्रैक और पिटलाइन का निरीक्षण किया था। खराब गुणवत्ता और धीमे निर्माण पर रेलवे अधिकारियों को फटकार लगाई थी। डीआरएम की यह फटकार और अल्टीमेटम भी बेअसर साबित हुई।

वर्जन..

टनकपुर से लंबी दूरी की ट्रेन संचालन का कोई आदेश नहीं आया। रेलवे बोर्ड से आदेश मिलने पर संचालन शुरू होगा। टनकपुर स्टेशन पर पिट लाइन का काम तकरीबन पूरा हो चुका है।

-राजेंद्र सिंह, पीआरओडीआरएम, इज्जतनगर मंडल, बरेली

Posted By: Jagran