पीलीभीत,जेएनएन: धान की पराली जलाने की सूचना के बाद तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर पराली जला रहे किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान पराली जलाने बात पर अड़े रहे। बाद में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व और अपर पुलिस अधीक्षक डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने थाने पहुंचकर किसानों से बातचीत का प्रयास किया। किसानों ने थाने आने से इन्कार कर दिया। जिसके दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की। इसके बावजूद किसान पराली जलाने पर अड़े रहे। जिस कारण अधिकारियों से बातचीत का कोई नतीजा हासिल नहीं हो सका।

माधोटांडा क्षेत्र के गांव मथना जप्ती में गुरुवार को कुछ किसानों ने पराली में आग लगा दी थी। इस मामले की सूचना मिलने पर कलीनगर के तहसीलदार संजय यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को पराली जलाने से मना किया। किसान धान की पराली जलाने पर अड़ गये। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में किसान एकत्र हो गए। कुछ देर बाद एसडीएम योगेश कुमार गौड़ भी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। मौके पर दोनों अधिकारियों से किसानों के बीच नोकझोंक हो गई। बाद में मामला बिगड़ता देख अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कुंवर बहादुर सिंह माधोटांडा थाने पहुंचे। उन्होंने किसानों को बुलाकर बातचीत करने का प्रयास किया। किसानों ने थाने में बातचीत से साफ इन्कार कर दिया। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की। किसानों ने कहा जब तक उन्हें धान का उचित मूल्य नहीं मिलेगा तब तक ऐसे ही पराली जलाते रहेंगे। प्रशासन द्वारा किसानों को समझाने के काफी प्रयास किए गए लेकिन किसान पराली जलाने की बात पर अड़े रहे। कलीनगर तहसीलदार संजय यादव ने बताया कि यदि किसानों द्वारा पराली जलाई गई तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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