पीलीभीत,जेएनएन: सीएमओ कार्यालय में अहम पटलों पर काबिज दागी बाबुओं पर शासन का रवैया सख्त है। सरकार की छवि को धूमिल कर रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व बाबुओं पर कार्रवाई करने का मन शासन के अधिकारियों ने बना लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रशासन ने बातचीत के दौरान सीएमओ कार्यालय में वर्षों से जमे मठाधीशों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए। शासन स्तर से आचार संहिता खत्म होते ही आदेश जारी किए जाएंगे। दागियों की पत्रावली व जांच रिपोर्टें आदि निकलवाकर कार्रवाई के आधार तैयार कराए जा रहे हैं।

दैनिक जागरण ने 14 जनवरी के अंक में जिम्मेदारों की मिलीभगत, दागियों पर मलाईदार प्रभार शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की थी। इसमें सीएमओ कार्यालय में करीब 30 वर्षों से जमे दागी बाबुओं हीरेश सरन सक्सेना, राजेश कुमार, नाहिद खान व नीरज श्रीवास्तव को अहम पटल दिए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। खबर में दागी बाबुओं पर आय से अधिक संपत्ति, फर्जी नियुक्ति, निलंबन कार्रवाई, दर्ज प्राथमिकी आदि का उल्लेख किया गया था। गौरतलब है कि नाहिद खान की निजी अस्पतालों की फाइलों के मामले में संदिग्ध भूमिका का मामला खासा सुर्खियों में रहा था। इसके अलावा शहर के नकटादाना चौराहा के नजदीक नाहिद खान की ओर से मैरिज हाल का निर्माण कराया गया है। इस मैरिज हाल पर भी प्रशासन ने कार्रवाई की थी, बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

निदेशक प्रशासन डा. राजागणपति आर ने दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। निदेशक प्रशासन ने सीएमओ कार्यालय में चल रही बाबुगिरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ को भी आड़े हाथों लिया है। जल्द ही निदेशक प्रशासन सीएमओ को सुधार के बाबत आदेश दे सकते हैं। इससे पहले निदेशक प्रशासन सीएमओ कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक हीरेश सरन सक्सेना के निलंबन व राजेश कुमार के स्थानांतरण संस्तुति की कार्रवाई करके इरादे जाहिर कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग पीलीभीत में तैनात कुछ बाबुओं की कई शिकायतें लगातार संज्ञान में आ रही हैं। एक लिपिक का निलंबन किया गया। एक लिपिक के स्थानांतरण की संस्तुति शासन में की गई है। सभी शिकायतों के तथ्यों की जांच कराई जा रही है। पत्रावलियां निकलवा ली गई हैं। जांच रिपोर्टें भी तलब कर ली गई हैं। आचार संहिता हटते ही सभी दागी बाबुओं पर कार्रवाई होगी। कार्यालय के कामकाज में सुधार करने के लिए सीएमओ को आदेश दिए जाएंगे।

- डा. राजागणपति आर, निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश

Edited By: Jagran