संस, बीसलपुर (पीलीभीत) : तहसील मुख्यालय से कुछ दूरी पर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में ईश्वर की प्रार्थना के स्थान पर मदरसे में की जाने वाली प्रार्थना को कराने वाले ग्यासपुर प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के प्रधानाध्यापक फुरकान अली को बचाने में विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह की घेरे में आ गई है। वीडियो वायरल हो जाने के बाद भी अधिकारी पिछले कई माह से इस मामले को दबा रहे थे। हिंदू युवा वाहिनी कार्यकर्ताओं द्वारा शिकायत करने पर आखिरकार डीएम के निर्देश पर कार्रवाई हो ही गई। निलंबित प्रधानाध्यापक को बचाने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिरने के आसार दिखाई देने लगे हैं।

ग्यासपुर प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के प्रधानाध्यापक फुरकान अली वर्ष 2011 से विद्यालय में कार्यरत हैं। इस विद्यालय में पिछले कई वर्षों से ईश्वर की प्रार्थना के स्थान पर बच्चों से उर्दू में मदरसे की प्रार्थना कराई जा रही है। बच्चों को उर्दू में प्रार्थना करने में काफी दिक्कत हुई तो उन्होंने अभिभावकों से शिकायत की। अभिभावकों ने कई बार विद्यालय पहुंचकर आपत्ति जताई तथा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जिसे नजर अंदाज कर दिया गया। सबसे हैरत की बात तो यह है कि इस विद्यालय के समीप ही खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय है जहां प्रतिदिन खंड शिक्षा अधिकारी बैठकर विभागीय कार्य करते हैं। विद्यालय में होने वाली मदरसे की प्रार्थना की जानकारी न होना हैरत की बात है। यहां तक कि विद्यालय में होने वाली मदरसे की प्रार्थना का कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल कर दिया था, इसके बावजूद अधिकारी मामले को दबाने में लगे रहे। दस दिन पूर्व हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता जब एसडीएम सौरभ दुबे से मिले और उन्हें प्रकरण से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

Posted By: Jagran

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