पीलीभीत,जेएनएन : कोरोना के कारण पिछले छह माह से भी अधिक समय से कपड़ा व्यवसाय लगभग ठप रहा है। नवरात्र से दुकानों में रौनक लौटने लगी है। ऐसे में कारोबारियों को उम्मीद बंधी है कि आने वाले पर्व करवाचौथ और दिवाली पर अच्छा व्यवसाय होगा।

मार्च में होली के बाद कपड़े की दुकानों से रौनक खत्म हो गई थी। इसी दौरान कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी का दौर शुरू हो गया। देशव्यापी लाकडाउन में सब कुछ बंद हो गया था। किराना की दुकानों को चंद घंटे खोलने की इजाजत दी गई थी। बाद में कपड़े की दुकानों को आधे दिन तक खोलने की स्वीकृति मिली तो ग्राहक नदारत रहे। दरअसल कोरोना संक्रमण के कारण लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकल रहे थे। ऐसे में दुकानें खोलने का कारोबारियों को कोई फायदा नहीं मिला। जब अनलाक में बाजार पूरे समय खुलने लगे तो भी कपड़े की दुकानों पर ग्राहक नजर नहीं आए। शारदीय नवरात्र शुरू होने पर कारोबारियों को राहत मिली। कपड़ों की दुकानों पर ग्राहक पहुंचने लगे। इससे की उम्मीदें बढ़ने लगीं। कपड़ा कारोबारियों का कहना है कि नवरात्र में बिक्री शुरू हो गई है। ऐसे में अब करवा चौथ व दिवाली पर अच्छा बिजनेस होने की उम्मीद बंधी है। फोटो-26पीआइएलपी-2

नवरात्र में ग्राहकों की चहल पहल होने लगी थी। अब धीरे-धीरे व्यवसाय पटरी पर आ जाने की संभावना है। करवा चौथ और दिवाली जैसे त्योहारों पर पिछले वर्षों की भांति बिक्री बढ़ने की संभावना है।

प्रदीप अग्रवाल नवरंग, वस्त्र व्यवसायी फोटो-26पीआइएलपी-3

कोविड-19 के कारण बिजनेस में बहुत नुकसान उठाना पड़ा। पहले तो दुकानें ही बंद रहीं लेकिन जब खुलीं तो भी कोई खास फायदा नहीं मिल सका। अब त्योहारी सीजन में कुछ संभावनाएं बढ़ी हैं।

धर्मेंद्र कुमार निमरानी, वस्त्र व्यवसायी फोटो-26पीआइएलपी-4

मार्च में होली के बाद से व्यवसाय पूरी तरह चौपट रहा है। कोरोना के कारण नुकसान उठाना पड़ा। अब नवरात्र में ग्राहकों का आना शुरू हुआ। इसके बाद करवा चौथ व दिवाली से उम्मीदें हैं।

अतुल अग्रवाल, वस्त्र व्यवसायी फोटो-26पीआइएलपी-5

जब दुकान पर ग्राहक न आएं तो समय काटना मुश्किल हो जाता है। कोरोना के कारण व्यापारियों को इस स्थिति से भी गुजरना पड़ा लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। त्योहारों से काफी उम्मीदें हैं।

विपिन अग्रवाल, वस्त्र व्यवसायी

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