पीलीभीत,जेएनएन : बिजली विभाग की जर्जर हो चुकी लाइनें उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनी हैं। बार-बार तार टूटते हैं लेकिन फिर भी उन्हें बदलने के बजाय टुकड़े जोड़कर और बीच में बांस की फंटी फंसाकर कामचलाऊ व्यवस्था कर दी जाती है। इस वजह से लोड बढ़ते ही फिर लाइन फाल्ट हो जाता है। इस क्षेत्र में जर्जर विद्युत लाइन से लगभग डेढ़ हजार उपभोक्ता प्रभावित हो रहे।

शहर में बंच कंडक्टर केबल डालने का कार्य वर्षों से आधा अधूरा पड़ा है। गैस चौराहा बिजलीघर से लाल रोड पर विद्युत लाइन कई दशक पुरानी है। तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। लाइन पर लोड पड़ते ही तार टूट जाते हैं। यह जर्जर लाइन मुख्य बाजार में रंगीलाल चौराहा तक गई है। इसे अब तक नहीं बदला गया है। पुरानी लाइन के तार टूटने पर उसमें अन्य तार के टुकड़े का पैबंद (तारों का जोड़) लगा दिया जाता है। तार आपस में न टकराएं, इसके लिए बांस की फंटी को बीच में फंसाकर कामचलाऊ व्यवस्था कर देते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि तार बार-बार टूटते हैं। एकता नगर कालोनी में भी यही स्थिति है। आधी से अधिक लाइनें अभी तक नहीं बदली गईं। शहर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बार-बार गड़बड़ाने की एक प्रमुख वजह जर्जर लाइनें हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें भी बार-बार तार जोड़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। सभी जगह बंच कंडक्टर केबल पड़ जाएगा तो सुविधा हो जाएगा। उधर अशोक नगर को पाश कालोनी कहा जाता है लेकिन यहां की पुरानी लाइनें अभी तक यथावत चल रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार मांग की जा चुकी लेकिन अभी तक पुरानी लाइनें बदलने का काम नहीं हो सका है। पुरानी लाइनें हटाकर उनके स्थान पर बंच केबल डालने का कार्य पिछले वर्षों में होता रहा है। कुछ इलाकों में अभी पुरानी लाइनों की समस्या जरूर है, जिसके बारे में जानकारी है। उन स्थानों की लाइनों के तार जल्द बदलवाने का कार्य कराया जाएगा।

-अतुल कुमार, एसडीओ (टाउन)

Edited By: Jagran