जागरण संवाददाता, पीलीभीत : बरेली मंडल के क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक प्रमोद कुमारश्रीवास्तव ने मंडी समिति परिसर में लगे विभिन्न एजेंसियों के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। यूपीएसएस के केंद्र पर अभी तक खरीद शुरू न होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। मंडी में ही क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों की बैठक लेकर कहा कि धान की आवक खूब हो रही है लेकिन फिर भी सेंटरों पर खरीद क्यों नहीं बढ़ रही। सेंटरों पर खरीद को बढ़ाएं, वरना लापरवाही बरतने वाली क्रय एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार को आरएफसी ने मंडी में लगे मार्केटिग, एफसीआइ, यूपीएसएस, पीसीएफ, यूपी एग्रो समेत अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की। इस दौरान किसानों ने उन्हें बताया कि इस बार उनकी धान की फसल रोग लग जाने से खराब हो गई है। प्रति एकड़ 30 से 35 क्विंटल के बजाय 20-25 क्विटल धान निकल रहा है। उसमें भी अनेक दाने काले पड़ गए हैं। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक ने निरीक्षण के बाद मंडी समिति कार्यालय में सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों की बैठक लेकर अब तक हुई खरीद की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि खरीद की गति बढ़ाई जाए। इसमें किसी भी प्रकार से शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कहा कि अगर किसी किसान के धान में 18-19 प्रतिशत तक नमी है तो उसे सेंटर के आसपास की फैलाकर सु्खाने की व्यवस्था कराएं। जब नमी घटकर 17 प्रतिशत रह जाए तो उसकी तौल करा लें। निरीक्षण और बैठक में डिप्टी आरएमओ अविनाश कुमार झा भी मौजूद रहे। डिप्टी आरएमओ के अनुसार अब तक जिले में पांच हजार क्विंटल सरकारी धान की खरीद हो चुकी है। आरएफसी के अनुसार अभी तक की स्थिति में मंडल में शाहजहांपुर में 4 हजार 337 मीट्रिक टन, पीलीभीत में 300 मीट्रिक टन, बरेली में 117 मीट्रिक टन खरीद हुई है। बदायूं जिले में अभी खरीद शुरू नहीं हो सकी है।

एफसीआइ के सहायक महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण

इस बार धान की फसल रोग लग जाने के कारण खराब हुई है। जो धान निकल रहा है, उसमें तमाम दाने काले हैं। इसकी जानकारी पाकर मंगलवार को बरेली से भारतीय खाद्य निगम के सहायक महाप्रबंधक इंद्रनाथ वर्मा ने मंडी स्थल पर पहुंचकर धान की क्वालिटी देखी। किसानों से बातचीत की। सहायक महाप्रबंधक के अनुसार इस बाबत रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय को भेजी जाएगी।

Posted By: Jagran

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