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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बारिश का कहर: रास्ते बंद, गिरे पेड़... फिर भी जान जोखिम में डालकर गश्त कर रहे वनकर्मी

Published: Thu, 03 Sep 2026 07:09 PM (IST)

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भारी बारिश से जंगल के रास्ते दुर्गम हो गए हैं और पेड़ गिरने से निगरानी प्रभावित ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगलों निगरानी मार्ग पर गिरे पेड़ों को हटाते वन कर्मी। स्रोत वन विभाग

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगलों निगरानी मार्ग पर गिरे पेड़ों को हटाते वन कर्मी। स्रोत वन विभाग

HighLights

  1. जंगल के अंदर सुरक्षित ठिकाना खोज रहे वन्यजीव, गिरे पेड़ों को हटाकर वनकर्मी कर रहे निगरानी गश्त

संवाद सहयोगी, कलीनगर (पीलीभीत)। लगातार हुई वर्षा से जगह-जगह जलभराव हो गया, जिससे जंगल भी बच नहीं सके। जंगल में वन्यजीव भी जलभराव के कारण सुरक्षित ठिकाना ढूंढने लगे हैं। जंगल मार्गों पर कीचड़ के साथ पेड़ गिरने से वनकर्मियों के लिए गश्त करना भी मुश्किल हो गया है। पेड़ों को हटाकर वन विभाग के कर्मचारियों ने रास्ते ठीक किए। जलभराव से गुजर कर जंगल की सुरक्षा को मजबूत किया।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगलों में वर्षा से जगह-जगह जलभराव और कीचड़ हो गया है। वन विभाग के वाहनों का इन मार्गों से निकलना मुश्किल हो रहा है। फिर भी वनकर्मी जंगल की सुरक्षा के लिए बाधित मार्गों को साफ करने में जुटे हैं।

वहीं, वन्यजीव भी सुरक्षित व सूखे ठिकानों की तलाश में इधर-उधर जाने लगे हैं। ऐसे में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखना वन विभाग के लिए और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। वर्षा में निगरानी मार्गों पर गिरे पेड़ों ने भी परेशानी बढ़ा दी।

पेड़ों के गिरने से कई रास्ते पूरी तरह बंद हो गए थे। वन विभाग की टीम ने पेड़ों को हटाकर रास्तों को साफ किया। टाइगर रिजर्व का महोफ और बराही वन क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील है।

महोफ का जंगल उत्तराखंड के सुरई वन क्षेत्र से और बराही वन क्षेत्र नेपाल और लखीमपुर खीरी के जंगलों से सटा हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्र होने से यहां वन्यजीवों की आवाजाही के साथ अवैध घुसपैठ की आशंका भी रहती है।

मानसून में जंगल के दुर्गम हो जाने का फायदा उठाकर अवैध गतिविधियों में शामिल लोग सक्रिय होने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में कठिन परिस्थितियों के बावजूद वनकर्मी जंगल के संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रहे हैं।

महोफ रेंज के रेंजर सहेंद्र कुमार यादव ने बताया कि वर्षा से जंगल के रास्ते दुर्गम हो गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से निगरानी मार्ग बाधित हुए थे, जिन्हें वनकर्मियों ने हटाकर रास्ते साफ किए हैं। जंगल की सुरक्षा को लेकर लगातार गश्त की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

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