PTR के 'पोस्टर बॉय' की तलाश: 1 साल से लापता बेबाक बाघ 'रॉकेट' की एक झलक की पर्यटकों को रहेगी आस
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का मशहूर बाघ 'रॉकेट' पिछले एक साल से लापता है, जिससे पर्यटक और वन्यजीव प्रेमी चिंतित हैं। ...और पढ़ें

पीटीआर के सफारी मार्ग पर चहलकदमी करता और नहर में अठखेलियां करता राकेट बाघ। स्रोत: इंटरनेट मीडिया
HighLights
घंटों तक सफारी मार्ग पर चहलकदमी व नहर पार करने के बेबाक अंदाज के दीवाने हैं पर्यटक
नए पर्यटन सत्र में भी वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों को राकेट की एक झलक पाने का इंतजार
सृजित अवस्थी, पीलीभीत। पीटीआर की बढ़ती लोकप्रियता और इसके प्राकृतिक सौंदर्य को चार चांद लगाने में यहां के मशहूर बाघों की अहम भूमिका रही है। पीटीआर के जंगल में विचरण करने वाले नर बाघ एस-थ्री, एस-टू, बाराही मेल और बाघिनों में नैना, चूका फीमेल, रंभा व सुंदरी हमेशा से पर्यटकों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों की पहली पसंद रही हैं।
बीते कई पर्यटन सत्रों में इनकी हजारों मनमोहक तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर प्रसारित हुए हैं, जिसके बलबूते ये बाघ देश-दुनिया तक पीटीआर की पहचान बने हैं।
इन सभी बाघों के बीच पीटीआर का एक ऐसा पोस्टर ब्वाय भी है, जिसके दीदार के लिए सैलानी मीलों का सफर तय कर यहां आते हैं। हम बात कर रहे हैं पीटीआर के सबसे मशहूर और बेबाक नर बाघ राकेट की।
राकेट का अंदाज जंगल के अन्य बाघों से बिल्कुल जुदा है। वह पर्यटकों के वाहनों को देखकर छिपने के बजाय बेखौफ होकर घंटों तक सफारी मार्गों पर चहलकदमी करता देखा जाता रहा है।
कभी नहर के पानी में अठखेलियां करते तो कभी बेबाकी से नहर पार करते हुए उसकी तस्वीरें सुर्खियां बटोर चुकी हैं। जिप्सी के आगे-आगे बेफिक्र होकर चलना राकेट की पहचान बन चुका था।
अगर उसे पीटीआर का पोस्टर ब्वाय कहें, तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। हालांकि, पीटीआर का यह चहेता बाघ पिछले करीब एक वर्ष से पूरी तरह से ओझल है।
बीते पर्यटन सत्र में वन विभाग और पर्यटकों को एस-थ्री बाघ की झलक तो मिल गई थी, मगर राकेट का कोई सुराग नहीं लग सका। न तो वन विभाग के ट्रैप कैमरों में वह कैद हुआ और न ही किसी पर्यटक को उसके दर्शन हुए।
राकेट की इस रहस्यमयी गुमशुदगी से हर कोई हैरान है। सफारी कराने वाले गाइड और जिप्सी चालक भी राकेट की कमी महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उसके होने से पर्यटन का रोमांच दोगुणा हो जाता था।
इस नए पर्यटन सत्र में भी हर किसी की निगाहें राकेट को ही तलाश रही हैं। पर्यटकों को उम्मीद है कि पीटीआर की शान माना जाने वाला यह बाघ एक बार फिर सफारी मार्ग पर अपने उसी शाही अंदाज में चहलकदमी करता हुआ नजर आएगा।
राकेट की तलाश में शुरू हुई मुहिम
राकेट के यूं अचानक एक वर्ष से लापता होने से वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों और वन्यजीव प्रेमियों में निराशा है। किसी भी इलाके में बाघ का इतने लंबे समय तक नजर न आना कई तरह की अनहोनी की आशंकाओं को जन्म दे रहा है।
ऐसे में वन्यजीव प्रेमियों ने चहेते बाघ की तलाश के लिए इंटरनेट मीडिया पर एक मुहिम छेड़ दी है। पुरानी मनमोहक तस्वीरें और वीडियो साझा कर वन विभाग से राकेट की खोजबीन तेज कर उसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।
