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एक साथ जलीं चार चिताएं जलते ही फट गया आसमान का कलेजा, बारिश के बीच किया गया अंतिम संस्कार

Published: Sun, 06 Sep 2026 11:32 PM (IST)

पीलीभीत के बड़ेपुरा कुसमा गांव में हरियाणा सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चार ग्रामीणों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

बीसलपुर के ग्राम बडेपुरा में चार ग्रामीणों की एक साथ चिताएं जलने के बाद आसमान में उड़ता धुआ व अंत्येष्टि के दौरान मौजूद ग्रामीण।

बीसलपुर के ग्राम बडेपुरा में चार ग्रामीणों की एक साथ चिताएं जलने के बाद आसमान में उड़ता धुआ व अंत्येष्टि के दौरान मौजूद ग्रामीण।

HighLights

  1. हरियाणा हादसे में चार ग्रामीणों की एक साथ मौत।

  2. पीलीभीत के गांव में चारों का अंतिम संस्कार।

  3. बारिश के बीच गमगीन माहौल में मुखाग्नि दी गई।

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। बड़ेपुरा कुसमा गांव में शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे एक साथ चार चिताएं जलीं तो सीने को चीर देने वाला करुण रुदन ही वहां पर सुनाई पड़ा। रुदन से ही गांव का सन्नाटा टूटता था और सांत्वना के ही बोल लोगों के मुंह से निकलते थे।

हर शख्स की आंखें डबडबाई हुईं और गला रुंधा हुआ था, मानों वे कुछ कह नहीं पा रहे हैं। आंखों से झरने की तरह बहते आंसू ही उनके दर्द की नुमाइंदगी कर रहे थे। कई चेहरे ऐसे मुरझाए हुए थे, मानों अपनों को खोने के गम में बेजान हो गए हों।

हृदय को झकझोर देने वाली इस पीड़ा को समेटकर जब चारों चिताओं को मुखाग्नि दी गई तो आसमान का कलेजा भी फट गया और बूंदाबांदी शुरू हो गई। मानों आसमान भी इस दर्द को बर्दाश्त करने को तैयार नहीं था, लेकिन किसी तरह से चारों ग्रामीणों का अंतिम संस्कार किया गया।

हादसे में हुई थी चारों की मौत

दियोरिया कलां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बड़ेपुरा कुसमा के मजदूरों से भरी ईको कार बुधवार को शाम को निकली थी। गाड़ी में बैठे 11 मजदूरों को अपने परिवार के लिए रोजीरोटी की चिंता था। सभी मजदूर बाजरे की कटाई करने के लिए हरियाणा जा रहे थे। वाहन को सुजनी गांव निवासी आरिफ चला रहा था।

मजदूरों से भरी ईको का हरियाणा के खरखौदा बस अड्डे के पास ट्रक में पीछे से टकरा गई। बुधवार रात 3:20 बजे के करीब हुए भीषण हादसे में बड़ेपुरा गांव के 35 वर्षीय रामनरेश मौर्य, 30 वर्षीय अग्रवाल वर्मा, 22 वर्षीय सुशील शर्मा और 40 वर्षीय मेवाराम वर्मा के साथ ही ईको चालक आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई।

कार में सवार 55 वर्षीय खुशीराम, 18 वर्षीय प्रमोद, 25 वर्षीय संजीव, 27 वर्षीय पातीराम, 60 महेंद्र पाल, 35 वर्षीय हरिशंकर और 20 वर्षीय विवेक गंभीर रूप से घायल हो गए।

तीन एंबुलेंस में आए शव

डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने मृतकों के शव को हरियाणा से गांव पहुंचाने के लिए तीन एंबुलेंस को भेजा, जो शव लेकर शुक्रवार को शाम साढ़े पांच बजे गांव में पहुंचीं तो मातमी सन्नाटा करुण रुदन में तब्दील हो गया।

हर आंख नम थी, हर शख्स रो रहा था और एकदूसरे को सांत्वना दे रहे थे। करीब एक घंटे तक विलाप करने के बाद साढ़े छह बजे चिता पर रखकर मुखाग्नि दी गई।

अग्रवाल वर्मा को उसके भाई वीरेंद्र, रामनरेश को उसके पिता रामचंद्र व सुशील शर्मा को उसके 12 वर्षीय भाई पवन ने मुखाग्नि दी। वहीं, ग्राम सुजनी निवासी मृतक ड्राइवर आरिफ का शव उनके गांव पहुंचाया गया, जहां उनको सिपुर्द ए खाक किया गया।

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अंत्येष्टि के दौरान बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्ता नंद, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, पूर्व विधायक किशन लाल राजपूत, किसान नेता देव स्वरूप पटेल , सपा नेता डा. रत्नेश गंगवार सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर शोक व्यक्त किया। साथ ही आसपास के कई ग्रामों के ग्रामीण अंत्येष्टि के समय मौजूद रहे।

गांव में अंत्येष्टि की जिद पर अड़े गए ग्रामीण

प्रशासन की ओर से सड़क हादसे में मारे चार ग्रामीणों की अंत्येष्टि एक साथ पड़ोस के गांव रामनगर में करने की व्यवस्था की गई थी। परंतु ग्राम बड़ेपुरा के ग्रामीण इस पर सहमत नहीं हुए। ग्रामीणों के विरोध के चलते किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने एसडीएम नागेंद्र पांडेय से आग्रह कर अंत्येष्टि गांव में ही करवाने का आग्रह किया।

एसडीएम ने श्मशान भूमि तक जाने वाले मार्ग के गड्ढों को समतल कराकर समस्या का समाधान करा दिया, तब कहीं जाकर ग्रामीण शांत हुए। वहीं, चिता जलने के थोड़ी देर बाद ही वर्षा शुरू हो गई, जिससे दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसी तरह से अंतिम संस्कार कराया गया।

सुबह से मुस्तैद रहा पुलिस प्रशासन

हादसे में पांच लोगों की मृत्यु होने की सूचना के बाद से गांव में सुबह से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय ने अंतिम संस्कार कराने की सारी व्यवस्थाओं के साथ ही ग्रामीणों के दर्द में साझेदार हो गए।

सीओ राहुल पांडेय भी वहां पर सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद होने के साथ ही शोक संतृप्त स्वजन के ढांढस बंधाते नजर आए। अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी वहां से आए।