पीलीभीत,जेएनएन : तराई के जिला में रहने वाले बंगाली समाज के बच्चों को अब उनकी मातृभाषा अर्थात बांग्ला में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा जल्द ही मिलेगी। दुर्गा पूजा के अवसर पर जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बंगाली समाज को नई सौगात दी गई है। इसके लिए बंगाली समाज के लोगों की ओर से काफी समय से यह मांग की जाती रही है।

जनपद में कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बंगाली समाज निवासी है। उनके द्वारा वर्षों से शिक्षा संबंधी समस्या के समाधान के लिए मांग की जाती रही है। बंगाली समाज द्वारा कई वर्षों से बंगाली बाहुल्य क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में बंगाली समुदाय के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन बच्चों को उनकी भाषा में शिक्षा प्रदान करने के लिए बांग्ला भाषा के जानकार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रही है। बंगाली समाज के बच्चों की संस्कृति एवं भाषा शैली में भिन्नता के कारण व हिदी भाषा की समझ कम होने के कारण हिदी शिक्षकों द्वारा दी जा रही शिक्षा को समझने में समस्या उत्पन्न होती है। बंगाली बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उनकी ही भाषा के शिक्षकों द्वारा अच्छी एवं उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जा सकती है। ऐसे बंगाली क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में बंगाली भाषा के अध्यापकों की नियुक्ति की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षा महानिदेशक को पत्र प्रेषित कर जनपद के 10 शिक्षकों को ऐसे प्राथमिक विद्यालयों में जहां पर बड़ी संख्या में बंगाली समुदाय के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं ,उनको स्थानांतरित कर नियुक्ति प्रदान करने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति प्राप्त होने के उपरांत उन विद्यालयों में बंगाली भाषा का ज्ञान रखने वाले शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। जिससे बंगाली समाज के बच्चे अपनी भाषा में प्राथमिक शिक्षा को ग्रहण कर सकेंगे। सांसद के साथ बैठक में भी उठ चुका है मुद्दा

बंगाली समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर पिछले दिनों सांसद वरुण गांधी एवं जिलाधिकारी पुलकित खरे ने उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वार्ता की थी। उस दौरान भी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बंगाली समाज के बच्चों को होने वाली असुविधा की बात कहते हुए बांग्ला भाषा के जानकार शिक्षकों की तैनाती किए जाने का मुद्दा उठाया गया था।

बंगाली समाज द्वारा कई वर्षों से इस संबंध में मांग की जाती रही है। इसका संज्ञान लेते हुए बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उनकी मातृभाषा में उपलब्ध कराने को शिक्षकों की नियुक्त की जा रही है। बंगाली शिक्षकों की नियुक्त होने से बच्चों को प्राथमिक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने में आसानी होगी। पौटा, धनकुनी, काशीपुर, माधोपुर, मोहनपुर, दौलतगंज, वीरखेड़ा, सपहा व गजरौला खुर्द, टीला नंबर चार में बंगाली भाषा के कार्यरत शिक्षकों को बंगाली क्षेत्र के विद्यालयों में तैनाती दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

- पुलकित खरे, जिलाधिकारी

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