पीलीभीत,जेएनएन : रोडवेज बस स्टैंड का शुभारंभ हो तो कर दिया गया,लेकिन अभी भी कई सुविधाओं से यात्री वंचित हैं। पंखे न होने से यात्रियों को काफी असुविधा हो रही। रात में बसों का स्टापेज नहीं हो रहा है। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है।

पीलीभीत रोड पर लाखों की लागत से रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण कराया गया है। कुछ माह पहले इसका शुभारंभ सांसद वरुण गांधी ने किया था। वर्तमान में रोडवेज बस स्टैंड पर दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो बुकिग क्लर्क हैं। बस स्टैंड पर चौकीदार तक नहीं है। दिन में तो सरकारी बसें आकर रुकती है लेकिन रात के समय कोई भी बस नहीं रूकती। यह बसें रेलवे स्टेशन चौराहे पर रुकती हैं। बस स्टैंड पर चौकीदार न होने से रात के समय एक प्राइवेट व्यक्ति रखवाली करते हैं। बरामदे में पंखा न लगे होने से यात्रियों को गर्मी में बैठ कर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी होती है। बुकिग क्लर्क भैरव सिंह ने बताया कि दिल्ली, लखनऊ के अलावा उत्तराखंड के टनकपुर और रुद्रपुर तक बसों का आवागमन हो रहा है। रात के समय बसें न रुकने पर यात्रियों को सड़क पर जाकर बसों को रुकवा दिया जाता है। पौन घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए कोई पंखा तक नहीं है। लोगों को गर्मी में बैठना पड़ता है।

नंदराम, अमरैया कलां

रोडवेज बस स्टैंड पर आधे घंटे से गर्मी में बैठी हूं , लेकिन अभी तक बस नहीं पहुंची। यात्रियों के लिए पंखे तक की कोई व्यवस्था नहीं है।

साजिदा बेगम, पूरनपुर स्टैंड पर पीने के पानी, पंखा और बैठने आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। इस ओर अधिकारियों को ध्यान देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करानी चाहिए।

जियाउल, गोरा बस स्टैंड पर बिजली, पानी और पंखे की व्यवस्था है। दो कर्मियों की ड्यूटी है। रेलवे स्टेशन पर सवारियां मिलने से बसें वहां चली जाती हैं। बसों का स्टापेज हो रहा है।

विजय कुमार गंगवार,एआरएम पीलीभीत

Edited By: Jagran