पीलीभीत,जेएनएन: रामायण का एक प्रसंग सभी को ध्यान होगा जब जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्ति का अहसास कराया था। कुछ ऐसा ही अंग्रेजी माध्यम संचालित प्राथमिक विद्यालय माधोटांडा नंबर-2 की प्रधानाध्यापिका रूबी हाशिम खान के साथ भी हुआ। यहां उन्हें शक्ति का अहसास उनके पति ने कराया। रूबी हाशिम खान की नियुक्ति बेसिक शिक्षा विभाग में बतौर सहायक अध्यापिका विकास खंड अमरिया के प्राथमिक विद्यालय कैंचूटांडा में हुई थी। वहां उनका प्रदर्शन सामान्य ही था। सहायक के रूप में कार्यरत थीं तो कोई अधिक जिम्मेदारी भी नहीं थी। वर्ष 2013 में पदोन्नति पाकर बतौर प्रधानाध्यापिका रूबी ने प्राथमिक विद्यालय माधोटांडा नंबर-2 में कार्यभार संभाला। प्रधानाध्यापिका का पदभार आया तो जिम्मेदारियां बढ़ गईं। प्रत्येक विभागीय कार्य के लिए जवाबदेही भी बढ़ गई। प्राथमिक विद्यालय माधोटांडा नंबर-2 की स्थिति बहुत बदहाल थी। नामांकन बढ़ाने का उत्तरदायित्व था लेकिन सरकारी स्कूल की छवि को देखते हुए नामांकन बढ़ाना चुनौती थी।

एक दिन नामांकन बढ़ाने की चिता पति से जाहिर की तो उन्होंने सवाल किया कि ऐसा क्या है तुम्हारे स्कूल में जो बच्चा पढ़ने आए? तुम्हारे स्कूल में क्या खासियत है जो बच्चे स्कूल की ओर आकर्षित हों। पति के सवाल पर रूबी निरुत्तर हो गईं और सोच में पड़ गईं। सवाल की यथार्थता को समझते हुए उन्होंने स्कूल के भौतिक और शैक्षिक परिवेश में परिवर्तन लाने की ठान ली। इस परिवर्तन की प्रेरणा भी उन्होंने अपने पति से ली। भौतिक परिवेश में आया परिवर्तन प्रधानाध्यापिका रूबी खान ने विद्यालय के प्रांगण को खूबसूरत और आकर्षक बनाया। भवन को पेंट कराकर नया रूप दिया। विद्यालय में चहारदीवारी, शौचालय, पानी आदि बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति की। कायाकल्प की मदद से विद्यालय की कक्षाओं व बरामदा में टायल, ऑफिस का सुंदरीकरण व मैदान में इंटरलॉकिग का काम कराया।

आधुनिक सुविधाओं से किया लैस: प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय भवन को सीसीटीवी कैमरा, प्रोजेक्टर, माइक मॉनीटरिग सिस्टम से लैस कराया। प्रधानाध्यापिका रूबी खान निजी व्यय से तीन लाख रुपये का काम विद्यालय में करा चुकी हैं। अब वह बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करा रही हैं। बेहतर काम को देखते हुए जनपद स्तर पर सम्मानित किया गया।

पाठ्यक्रम से संबंधित टीएलएम सजाए

विद्यालय में कक्षावार पाठ्यक्रम से संबंधित शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक कक्षा-कक्ष में टीएलएम लगे होने से बच्चे देखकर आसानी से सीखते हैं। इसके अलावा, बच्चों को इंटरनेट का प्रयोग कर प्रोजेक्टर के माध्यम से भी पढ़ाई कराई जाती है। विजुअल स्टडी से बच्चों में पढ़ाई के प्रति आकर्षण भी बढ़ता है और अधिगम स्तर में वृद्धि होती है। वर्जन-

हमारा लक्ष्य है कि जब कभी बच्चे से कोई प्रश्न पूछा जाए तो वह उसका बेझिझक उत्तर दे सके। हमारे स्कूल के बच्चे से कोई यह न कह सके कि यह सरकारी स्कूल से पढ़ा है इसलिए इसको उत्तर नहीं आता। बेहतर शैक्षिक माहौल देने के लिए हमारे दोनों सहायक अध्यापक व दोनों शिक्षामित्र निरंतर मेहनत करते हैं। वर्तमान में 216 बच्चों का नामांकन है जिसमें कई बच्चे निजी स्कूल से हमारे यहां आए हैं।

- रूबी हाशिम खान, प्रधानाध्यापिका

प्राथमिक विद्यालय माधोटांडा नंबर-2 में प्रधानाध्यापिका ने बहुत अच्छा कार्य कराया है। स्कूल में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी हो रही है। मॉनीटरिग सिस्टम द्वारा सभी कक्षाओं को एकसाथ एक ही जगह से नियंत्रित किया जा सकता है। यह विद्यालय हमारे प्रेरक विद्यालयों में शामिल है।

- राकेश पटेल, जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान

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