CM योगी के निर्देशों की उड़ाईं धज्जियां, शुगर मिल के क्रय केंद्रों पर लोडिंग-अनलोडिंग के नाम पर किसानों से जबरन वसूली
दियोरिया कलां में गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से लोडिंग-अनलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। शासन के आदेश के बावजूद, दो रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुल्क लिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि विरोध करने पर भी उनसे जबरन वसूली की जा रही है। निरीक्षण के बाद भी वसूली जारी है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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प्रतीकात्मक चित्र
संवाद सूत्र, जागरण दियोरिया कलां। क्षेत्र के विभिन्न गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से लोडिंग–अनलोडिंग के नाम पर जबरन शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद दो रुपये प्रति क्विंटल की दर से अवैध वसूली लगातार जारी है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है।
सूत्रों के अनुसार मकरंदपुर रोशन सिंह चौराहे पर स्थित डालमिया शुगर मिल गिरगिचा निगोही शाहजहांपुर के गन्ना क्रय केंद्र पर किसान शिकायत कर रहे हैं कि उनसे अनिवार्य रूप से दो रुपये प्रति क्विंटल की दर से लोडिंग–अनलोडिंग शुल्क लिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि चाहे वे कितना भी विरोध कर लें, केंद्र पर तैनात कर्मचारी पैसे लिए बिना गन्ना उतारने नहीं देते।
यही स्थिति नौगमिया अ, नौगमिया ब, मकरंदपुर रोशन सिंह और बेनीपुर में स्थित डालमिया शुगर मिल के क्रय केंद्रों पर भी देखने को मिल रही है। वहीं दियोरिया कला अ ,ब में स्थित एलएच शुगर मिल पीलीभीत के क्रय केंद्र पर भी यही वसूली समान रूप से की जा रही है।किसानों द्वारा आपत्ति जताने पर मकरंदपुर रोशन सिंह क्रय केंद्र के प्रभारी ब्रजेश सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो किसान रुपये नहीं देंगे, उन्हें अपना गन्ना स्वयं अपने वाहन से उतारना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस शुल्क के संबंध में किसान ट्रांसपोर्ट ठेकेदार से बात करें, मानो वसूली की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर हो। इससे किसानों में और अधिक नाराजगी देखी गई है, क्योंकि किसी भी सरकारी आदेश में इस तरह के शुल्क का कोई प्रविधान नहीं है। इसी बीच इंस्पेक्शन बुकिंग अधिकारी आशुतोष प्रताप सिंह ने शुक्रवार दोपहर मकरंदपुर रोशन सिंह चौराहे और मधवापुर अ स्थित क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर किसानों को शासन के निर्देशों से अवगत कराया।
उन्होंने स्पष्ट बताया कि किसानों से किसी भी प्रकार का लोडिंग–अनलोडिंग शुल्क लेना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद निरीक्षण के बाद भी वसूली बंद नहीं हुई, जो प्रशासनिक निर्देशों की खुली अवहेलना को दर्शाता है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कई बार यह निर्देश दे चुके हैं कि किसानों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान न लिया जाए, लेकिन गन्ना क्रय केंद्रों पर हो रही यह अवैध वसूली उनके मंसूबों पर पानी फेरती दिख रही है। किसानों का कहना है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
खामघाट निवासी किसान बाबूराम ने बताया कि यहां पर गन्ना लोडिंग अनलोडिंग के नाम पर रुपये लिए जा रहे है, जिसके द्वारा रूपये नहीं दिये जाते है उसका गन्ना नहीं लोडिंग अनलोडिंग किया जाता है,एक पर्ची पर सौ रुपये लिए जा रहे है।
प्रभुदयाल निवासी लंभुआ ने कहा, गन्ना क्रय केंद्रों पर लोडिंग–अनलोडिंग के नाम पर ली जा रही अवैध वसूली से किसान बेहद परेशान हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, फिर भी जबरन दो रुपये प्रति क्विंटल वसूला जा रहा है। विरोध करने पर हमें खुद अनलोडिंग करने को कहा जाता है।
मकरंदपुर निवासी किसान रोशन सिंह धीरेन्द्र कुमार ने बताया है कि गन्ना क्रय केंद्र पर किसानों के द्वारा गन्ना लोडिंग अनलोडिंग के लिए रुपये न देने पर ठेकेदार की लेवर गन्ना लोडिंग अनलोडिंग नहीं करती है। गन्ना क्रय केंद्र प्रभारी भी कुछ नहीं कहता है। केंद्र प्रभारी का कहना है कि रुपये नहीं दोगे तो गन्ना अनलोडिंग नहीं किया जायेगा। किसानों को खुद अनलोडिंग करना होता है।

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