पीलीभीत,जेएनएन: मां सिद्धरात्रि की आराधना के साथ ही शारदीय नवरात्र का समापन हो गया। लोगों ने घरों व मंदिरों में धूमधाम से भक्तिमय होकर देवी की पूजा-अर्चना की। इस दौरान जनपद के सैकड़ों परिवारों को देवी मां की कृपा से कन्या रूपी प्रसाद प्राप्त हुआ, जिससे त्योहारी मौसम में उनकी खुशियां दोगुनी हो गईं। किसी घर में कई दशकों बाद बेटी का जन्म हुआ तो किसी परिवार में पीढि़यों के बाद पुत्री ने जन्म लिया है। ऐसे में स्वजन की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। कन्याओं की माताओं व दादियों ने कहा कि नवरात्र में हमारे घर कन्या के जन्म से स्वयं साक्षात देवी का आगमन हुआ है।

जिला महिला अस्पताल में नवरात्र के आठ दिनों के दौरान कुल 39 कन्याओं का जन्म हुआ है। सीएमएस डा. अनीता चौरसिया ने नवजात कन्याओं का चुनरी उड़ाकर स्वागत किया। सीएमएस ने कन्याओं के तिलक लगाया व उन्हें कापी, पेंसिल के साथ ही अन्य सामग्री उपहार स्वरूप भेंट की। इसके अलावा क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी काफी संख्या में बेटियों का जन्म हुआ। कई क्षेत्रों में इन आठ दिनों में लड़कों से अधिक लड़कियों ने जन्म लिया। जिला महिला अस्पताल में 36 लड़कों व 39 लड़कियों का जन्म हुआ। न्यूरिया सीएचसी क्षेत्र में आने वाले स्वास्थ्य केंद्रों में 25 बालक व 30 बालिकाओं का जन्म हुआ। जनपद के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर नवरात्र के शुभ दिनों में 296 कन्याओं ने जन्म लिया। बेहतर शिक्षा व पोषण देने की अपील

सीएमएस डा. अनीता चौरसिया ने कापी व पेंसिल भेंट करने के साथ ही नवजात कन्याओं के अभिभावकों से उन्हें अच्छी शिक्षा देने की अपील की। सीएमएस ने कहा कि अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलवाएं जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही जन्म से ही उनके पोषण का विशेष ध्यान रखें। बालिकाओं के विकास में अच्छे पोषण व अच्छी शिक्षा दोनों की बहुत अहम भूमिका है। कहां कितनी कन्याओं ने लिया जन्म--

जिला महिला अस्पताल- 39

सीएचसी माधोटांडा- 30

पूरनपुर- 40

बीसलपुर- 46

ललौरीखेड़ा- 21

बरखेड़ा- 29

बिलसंडा- 27

अमरिया- 34

न्यूरिया- 30

घर में कन्या का जन्म हुआ। नवरात्रि में देवी का प्रसाद मिला है। हम सबको बहुत खुशी है। अपनी बेटी का बेटों की तरह ही पालन-पोषण करेंगे। बेटा-बेटी में कोई भेद नहीं होना चाहिए।

- नीलम, बरहा फोटो: 14 पीआइएलपी 26

नवरात्रि में कन्या का जन्म होना शुभ संकेत है। यह उत्सव का दिन है। नवरात्रि ही नहीं बल्कि किसी भी समय बेटी का जन्म हो तो वह शुभ हो जाता है। अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाएंगे।

- चांदनी, भूड़ा कैमपुर, अमरिया फोटो: 14 पीआइएलपी 34

मुझे पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई है। बहुत खुशी हो रही है। अपनी बेटी को बेहतर पोषण व शिक्षा उपलब्ध कराकर अपने पैरों पर खड़ा होने लायक बनाऊंगी। बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

- सुमित्रा, गांधीनगर, गजरौला

Edited By: Jagran