पीलीभीत : सुनने में आपको यह बात शायद हैरान करे यहां श्मशान जाने के लिए दबंगों की इजाजत लेना जरूरी होता है।

श्मशान घाट और वहां तक जाने वाले मार्ग पर अवैध कब्जा होने से लोगों को मृत व्यक्ति को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत की गई लेकिन ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को इससे परेशान लोगों ने प्रदर्शन कर शीघ्र ही कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की है।

गांव शेरपुरकलां में वाल्मीकि समाज के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। मंगलवार को गांव में रहने वाले बाशिदे बड़ी संख्या में एकत्र होकर तहसील दिवस में पहुंचे। उन्होंने प्रभारी अधिकारी को पत्र देकर कहा कि श्मशान घाट और उसके रास्ते को कुछ लोगों ने दबंगई दिखाते हुए अपने खेत पर मिला लिया है। श्मशान तक काफी कम रास्ता होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अवैध कब्जेदारों से उसे छोड़ने के लिए कहा जाता है तो वह लड़ाई झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। समाज के व्यक्ति की मौत होने पर उसे श्मशान घाट ले जाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का सहारा लेना पड़ता है। इस संबंध में लगातार कब्जा हटवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं लेकिन उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने शीघ्र ही श्मशान घाट और रास्ते को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में राम प्रकाश, संजीव कुमार, कपिल, राजेंद्र, सत्यपाल, बालकराम, शिवम, दिनेश कुमार, रामकुमार, रामकिशोर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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