पीलीभीत : पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में हो रही बरसात से शारदा नदी अपना रौद्र रूप दिखने लगी है।बनबसा बैराज से कई चरणों में एक लाख 27 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से धुरिया पलिया व भुजिया रमनगरा के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। फिलहाल जलस्तर बढ़ने से कटान थम गया है।

मौसम विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार पहाड़ों के साथ मैदानी क्षेत्रों में शुक्रवार से ही बरसात हो रही है। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण शनिवार सुबह बनबसा बैराज से शारदा नदी में कई चरणों में पानी छोड़ा जा रहा है। बनबसा बैराज से प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 9 बजे 91920 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दोपहर बाद 3 बजे 1 लाख 17 हजार क्यूसेक से अधिक पानी शारदा में छोड़े जाने से जल स्तर काफी बढ़ गया है। शाम को 1.27 लाख से अधिक डिस्चार्ज हाोगया। इस कारण भूमि कटान तो बंद हो गया है लेकिन रमनगरा, भुजिया, सेल्हा, धुरिया पलिया, पुरैना गांव के निचले इलाके में रहने वाले लोगों के घरो में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिस कारण लोग खाने पीने का सामान लेकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने लगे हैं। शारदा पार रहने वाले सैकड़ों परिवार जलस्तर बढ़ने के कारण परेशानी से घिर गए हैं। नाव का संचालन तेज बहाव के कारण रुक गया है। जिससे लोग नदी पार करके जरूरी सामान लेने भी नहीं आप आ रहे हैं। गौरतलब है कि जलस्तर बढ़ जाने पर नदी प।र रहने वाले बीमार लोग और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के लिए सरकार की ओर से किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। अधिक बाढ़ आने पर लोगों को छप्परा और पेड़ों पर भूखे-प्यासे रहकर समय गुजारना पड़ता है। नगरिया खुर्द के पूर्व प्रधान के पति फिरूआ राणा का कहना है कि सरकार को नदी पार रहने वाले लोगों के लिए दवा और राशन केरोसिन का इंतजाम करा देना चाहिए।प्रशासन द्वारा बनाई गई बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी गायब रहते हैं।

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By Jagran