दहशत

- बाघ के डर से खेतों में भी जाकर काम करना भी बना चुनौती

- शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं क्षेत्रीय ग्रामीण

संवाद सूत्र, अमरिया: क्षेत्र में बहुत लंबे समय से कई बाघ घूम रहे हैं। अभी तक बाघों से सुरक्षा को लेकर वन विभाग कोई उपाय नहीं कर सका है। बाघों की समस्या क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कोई भी मौसम हो बाघ लगातार क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिससे किसान भयभीत रहते हैं।

बाघ के डर से खेती किसानी के सारे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मुश्किल से धान कटाई के बाद अब गन्ने की फसल की कटाई चल रही है। हरदासपुर से लेकर पैरी फॉर्म, सूरजपुर शुक्ला फॉर्म, गजरौला फॉर्म के आसपास अक्सर बाघ दिखाई देते हैं, जो विचरण करते हुए बरा जगत नगरिया कॉलौनी देवहा नदी किनारे होते हुए डबरी तक पहुंच जाते हैं। लगभग 50 किलोमीटर के क्षेत्र में बाघों का खौफ रहता है। शाम ढलते ही लोगों को घरों में दुबकना पड़ता है। फोटो 17 पीआइएलपी 9

-एक लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी बाघों से सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। आए दिन बाघ शिकार की तलाश में आबादी तक पहुंच जाते हैं।

मोहम्मद हसनैन फोटो 17 पीआइएलपी 10

-लगातार बाघों के खौफ से जंगल जाना मुश्किल है। गन्ना कटाई से मजदूर कतरा रहे हैं। वन विभाग की टीमें लोकेशन ट्रेस कर चली जाती हैं।

बंकिमचंद्र फोटो 17 पीआइएलपी 11

-कैलाश नदी किनारे से बाघ निकलकर फार्म तक पहुंच जाते हैं। अकेले निकलना भी मुश्किल है। अब कोहरे में खेतों पर जाना खतरे से खाली नहीं होगा।

खजान सिंह फोटो 17 पीआइएलपी 12

-बाघों की समस्या क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर समस्या है। प्रशासन को लोगों की सुरक्षा को कड़े कदम उठाए। किसानों की कठिनाई दूर हो।

श्याम सिंह ब्लॉक प्रमुख

Posted By: Jagran

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