CBSE 12th Result: इकलौती बेटी ने किया जिले का नाम रोशन, पिता के पदचिह्नों पर चलकर बिजनेस की दुनिया फतह करेगी वंशिका
पीलीभीत में सीबीएसई 12वीं के नतीजों में वंशिका गुप्ता और रचित चंद्र ने 98.2% अंक प्राप्त कर जिले में टॉप ...और पढ़ें

वंशिका को मिठाई खिलाते माता-पिता और दादी। स्रोत स्वयं
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मेधावी छात्रा वंशिका गुप्ता ने अपनी सफलता के पीछे के संघर्ष और भविष्य के सपनों को साझा किया है। लिटिल एंजेल पब्लिक स्कूल की छात्रा वंशिका ने 500 में से 491 अंक 98.2 प्रतिशत प्राप्त किए है।
पिता राजेश गुप्ता और सविता गुप्ता की इकलौती संतान वंशिका ने बताया कि उनकी इस उपलब्धि में माता-पिता का विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने उनकी हर जरूरत को पूरा किया। साथ ही, उन्होंने अपने दोस्तों काे भी अपने मुकाम का श्रेय दिया है।
जिन्होंने पढ़ाई के तनाव के दौरान उन्हें मानसिक संबल दिया। भविष्य के लिए वह अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए एक बिजनेसमैन बनना चाहती हैं। बताया कि पढाई के लिए कोई समय नहीं होता है। अपने आत्मविश्वास पर करना चाहिए जो भी करने जा रहे है।
रचित चंद्र का सपना सिविल सेवा में जाना
सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा में बेनहर पब्लिक स्कूल के छात्र रचित चंद्र ने 491 अंक 98.20 प्रतिशत प्राप्त कर संयुक्त रूप से जिले में प्रथम स्थान पाकर अपनी प्रतिभा को दिखाया है। दो भाइयों में सबसे छोटे रचित की इस उपलब्धि से उनके परिवार और विद्यालय में हर्ष का माहौल है।
रचित ने बताया कि उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों को आधार बनाया और कठिन विषयों को समझने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया। उन्होंने विशेष रूप से स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना की।
रचित के पिता अरुण कुमार पेशे से शिक्षक हैं और माता बबिता गृहणी हैं, उन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। भविष्य में रचित का सपना सिविल सेवाओं में जाकर देश की सेवा करना है, इसके लिए वह अभी से समर्पित होकर तैयारी शुरू करेंगे, जिससे सपना पूरा करने में कमी न रह जाए।
मान्या गंगवार बनना चाहती हैं अधिवक्ता
सीबीएसई 12वीं परीक्षा में बेनहर पब्लिक स्कूल की मेधावी छात्रा मान्या गंगवार ने कुल 489 अंकों के साथ 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले की मेरिट सूची में दूसरा स्थान हासिल किया है। पशुपालन विभाग में कार्यरत पिता योगेंद्र गंगवार और माता रुपेंद्र गंगवार की पुत्री मान्या ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता और शिक्षकों को दिया है।
बताया कि पांच में से चार विषयों की तैयारी पूरी तरह स्वयं जबकि केवल एक विषय के लिए कोचिंग का सहारा लिया। मान्या का लक्ष्य भविष्य में कानून की पढ़ाई कर वकील बनना है। कानून की अच्छी जानकारी लेकर वह वंचितों को न्याय दिलाना चाहती हैं।
