पीलीभीत, जेएनएन : संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में पांच साल से सेंट्रल स्टेराइल यूनिट का भवन तो बना खड़ा है, लेकिन मशीनों के अभाव में अब तक संचालित नहीं किया जा सका है। पिछले दिनों निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए इस यूनिट की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर जल्द से जल्द इसे संचालित कराने का निर्देश दिया था।

अस्पताल में ऑपरेशन के बाद ब्लड से सने कपड़ों और चिकित्सकों और स्टॉफ की एप्रेन को पूर्ण रूप से कीटाणु मुक्त करने के लिए स्टेराइल किए जाने की आवश्यकता होती है। इस यूनिट में मशीनों के द्वारा बेडों पर बिछाए जाने वाली चादरों को भी धोकर वायरस मुक्त किया जाता है। जिससे ऑपरेशन के दौरान उपयोग में लाए गए वस्त्रों को दोबारा उपयोग में लिया जा सके। अस्पताल के वार्डो में दोबारा चादरों को बिछाया जा सके। जिला अस्पताल परिसर में इस भवन का निर्माण पांच वर्ष पूर्व ही करा लिया गया, लेकिन इतना समय बीतने के बावजूद यूनिट का संचालन नहीं हो सका है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यूनिट के लिए स्थापित होने वाली मशीनों के लिए प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा जा चुका है।

बदल सकती है यूनिट

निरीक्षण के दौरान डीएम ने इस बंद पड़े भवन का उपयोग डायलिसिस यूनिट के रूप में भी किए जाने की संभावना व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि डायलिसिस यूनिट को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए इस भवन का उपयोग किया जा सकता है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यहां वृद्धों के बेहतर उपचार के लिए भी वार्ड बनाए जाने की संभावना है। जिससे अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले वृद्व मरीजों को बगैर भीड़ का सामना किए एक ही यूनिट से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।

यूनिट को संचालित कराने के लिए विभाग की ओर से पूर्व में ही प्रस्ताव बना कर भेज दिया गया है। उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। -डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस, जिला संयुक्त अस्पताल

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