पीलीभीत,जेएनएन : धान खरीदने के नाम पर विपणन सहायक ने किसान से आठ हजार रुपये रिश्वत में ले लिए। किसान ने दिए नोटों की पहले ही फोटोकापी करा ली थी। सूचना पर पुलिस ने विपणन सहायक को हिरासत में ले लिया। जिलाधिकारी पुलकित खरे के मामला संज्ञान में आने पर आरोपित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। रिश्वतखोर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है।

नगर की कृषि उत्पादन मंडी समिति में संचालित आरएफसी प्रथम क्रय केंद्र पर सोमवार को बलरामपुर चौकी क्षेत्र के गांव पिपरिया मझरा निवासी किसान गुरजिदर सिंह धान लेकर पहुंचे। किसान ने बताया कि उसने तीन लोगों के नाम पंजीकरण कराए थे। 120 क्विंटल के करीब धान था। जब वह धान लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचा तो धान में नमी बताकर रिजेक्ट कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सेंटर पर मौजूद विपणन सहायक से वार्ता की। कर्मचारी ने डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल धान खर्च देने की बात कहते हुए 15 हजार रुपये देने को कहा,लेकिन विपणन सहायक में आठ हजार रुपये में बात तय हो गई तो उन्होंने अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह को जानकारी दी। कोतवाली पुलिस को सूचना दी तो निरीक्षक ने मौके पर सिपाही को भेज दिया। भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने के लिए जो रुपये कर्मचारी को दिए जाने थे उसकी फोटो स्टेट कराई और उन्हें विपणन सहायक को दे दिया गया। कुछ देर बाद विपणन सहायक की तलाशी ली गई। पुलिस और अन्य लोगों के सामने विपणन सहायक से रुपये देने को कहा गया। एक बार में उन्होंने अपने पास रखी कुछ नकदी निकाली। इसके बाद दूसरी जेब से वहीं नकदी निकाली जो किसान की तरफ से दी गई थी। कर्मचारी के पास मिले रुपये और फोटो स्टेट के रुपये का मिलान किया गया जिसमें उनकी संख्या एक ही पाई गई। इस मामले को लेकर क्रय केंद्र पर हंगामा हुआ। पुलिस आरोपित कर्मचारी को कोतवाली ले आई। किसान गुरजिदर की तरफ से तहरीर पुलिस को दी गई है। मंडी के क्रय केंद्र पर किसान से आठ हजार रुपये लेने के आरोपित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एडीएम और एएसपी की टीम को नामित किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

-पुलकित खरे,जिलाधिकारी

Edited By: Jagran