पीलीभीत,जेएनएन : भाजपा सांसद वरुण गांधी ने धान की सरकारी खरीद में किसानों का शोषण न हो, इसके लिए किसानों की ओर से ही मिले सुझावों के साथ एक और चिट्ठी मुख्यमंत्री को भेजकर कार्यवाही की मांग की है। सांसद ने मध्य प्रदेश जैसी धान खरीद प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में भी शुरू किए जाने पर जोर दिया है।

भाजपा सांसद वरुण गांधी इन दिनों किसानों की समस्याओं को लेकर खासे मुखर हैं। पिछले दिनों उन्होंने किसानों की अनेक समस्याओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजी थी। जिसमें समस्याओं का निराकरण कराने का आग्रह किया गया था। अब विगत 11 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री को एक और चिट्ठी भेजी है। इसमें धान खरीद के दौरान किसानों के समक्ष आने वाली समस्याओं का जिक्र करने के साथ ही किसानों की ओर से मिले सुझाव भी दिए हैं। भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री को भेजे इस पत्र में कहा है कि धान खरीद प्रक्रिया में काफी सुधार हुए हैं। हालांकि आज भी किसानों को कई तरह की समस्याएं धान बिक्री में आती हैं। पंजीकरण प्रक्रिया में जो किसान धान की बुवाई नहीं करते या कम मात्रा में करते हैं, वे अपने नाम का पंजीकरण कराकर सस्ता खरीदा धान सेंटरों पर बेच देते हैं। ऐसे में किसानों की ओर से सुझाव मिला है कि बटाईदारों का अनुबंध करके पंजीकरण कराया जाए। धान खरीद के पुराने मानक होने के कारण किसानों को धान की तौल कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में किसानों को अपना धान सेंटर पर ले जाने से पूर्व गन्ने की भांति मोबाइल पर टोकन मिल जाए। उसमें तिथि अंकित हो। साथ ही सरकारी कांटा पर धर्मकांटा की भी व्यवस्था हो। धर्मकांटा पर तुले हुए धान को राइस मिलर अपनी जिम्मेदारी पर ट्रांसपोर्ट कराकर मिल में पहुंचाए। केंद्र से राइस मिल तक धान पहुंचाने के नाम पर ठेकेदार लाखों रुपये का भुगतान बगैर कुछ किए प्राप्त कर लेते हैं। भाजपा सांसद ने आग्रह किया कि जिस तरह से मध्य प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया संचालित होती है, उसी तरह से उप्र में भी धान खरीद प्रक्रिया लागू होनी चाहिए।

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