जेएनएन, पीलीभीत : वर्ष 2012 में सुनगढ़ी के चिड़ियादाह गांव में डकैती के मामले में फरार चल रहे बक्शे मुर्गी को एसटीएफ बरेली ने एटा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपित के ऊपर पचास हजार का ईनाम घोषित चल रहा था। टीम ने गिरफ्तार करने के बाद पकड़े गए आरोपित से थाना सुनगढ़ी में अन्य मामलों में पूछताछ कर रही है।

वर्ष 2012 में 27 मार्च को सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम चिड़ियादाह निवासी लालमन के घर में डकैती की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में बरखेड़ा थाना क्षेत्र के खमरिया गांव निवासी बक्शे मुर्गी गैंग का नाम प्रकाश में आया था। थाना पुलिस के गिरफ्तार न कर पाने के कारण बरेली जोन के महानिदेशक रहे डीके ठाकुर ने वर्ष 2018 में 15 सितंबर को उसके ऊपर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित करते हुए एसटीएफ को गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था। एसटीएफ टीम के प्रभारी निरीक्षक अजयपाल अपनी टीम के साथ उसकी सुरागरसी कर रहे थे। पिछले वर्ष बिहार से एसटीएफ ने इसके भाई गुलाब को गिरफ्तार किया था लेकिन आरोपित मौके से फरार हो गया था। मंगलवार को एटा जिला के मलावन थाना क्षेत्र के पूरबा गांव निवासी उसकी चचेरी बहन हुरा पत्नी लछिया के घर से उसे एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद टीम उसे पकड़कर थाना सुनगढ़ी लेकर आई है। जहां उसे अन्य मामलों में पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ टीम के प्रभारी अजयपाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपित बक्शे गैंग का लीडर था। आरोपित के ऊपर 27 मुकदमे दर्ज हैं। सात मुकदमों में वांछित चल रहा था। बक्शे मुर्गी गैंग ने वर्ष 1997 में शाहजहांपुर जिले के निगोही थाना क्षेत्र में डकैती की घटना को अंजाम दिया था। लूटपाट करने के बाद महिलाओं के साथ दुष्कर्म भी किया था। इसके अलावा वर्ष 2008 में खटीमा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था लेकिन वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। आरोपित वर्तमान में रेवाड़ी और अलवर में चूड़ियां बेचने का कारोबार कर रहा था। उसके दस बच्चे है। वे उसकी बहन के पास रह रहे हैं। वह अपने बच्चों से मिलने के लिए गया था। पकड़ने वाली टीम में एसटीएफ प्रभारी अजय पाल सिंह, जगवीर, रामजी लाल, हरीओम, नरेंद्र राणा मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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