पूरनपुर (पीलीभीत) : जंगल में धरती के फूल खाने से पिता और पुत्री बेहोश होकर गिर पड़े। मुंह से झाग आने और उल्टी आना देखकर पास में ही मौजूद ग्रामीण के रिश्तेदार ने दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया है। इलाज के दौरान ग्रामीण को तो होश आ गया लेकिन युवती अभी अचेतावस्था में है।

बरसात के मौसम में इस समय जंगल से काफी मात्रा में लोग कटरूआ और धरती के फूल बीनकर ला रहे हैं। कहने को तो प्रतिबंध है लेकिन सुविधा शुल्क के सामने टाइगर रिजर्व के कानून बौने साबित हो रहे हैं। गुरुवार की दोपहर ग्राम सुआबोझ निवासी राजेन्द्र (35) पुत्री के साथ खेत पर काम कर रहा था। इसी दौरान राजेन्द्र ने पुत्री पलक से कहा कि जंगल में धरती के फूल बीन लिए जाएं। दोनों जंगल में फूल बीनने चले गए। कुछ स्थानों पर फूल मिले तो दोनों ने उन्हें चखने के लिए कच्चे ही खा लिए। खाने के कुछ देर बाद ही दोनों के मुंह से झाग आने लगी और उल्टी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों बेहोश हो गए। काफी देर बाद भी जब दोनो नहीं आए तो खेत पर काम करे राजेन्द्र के रिश्तेदार ने जाकर देखा तो वह बेहोश पड़ा था। खेत पर काम करने वालों को बुलाकर दोनों को बाइक पर लादा और सीएचसी लाकर भर्ती कराया। इलाज के दौरान राजेन्द्र को तो होश आ गया लेकिन पलक बेहोश थी। चिकित्सक रविन्द्र ¨सह ने बताया कि दोनों ने जंगल में कुकरमुत्ता की तरह की कोई चीज खाई है जो विषैला था और हालत खराब हो गई।

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