नोएडा, जेएनएन। यातायात विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते वाहन स्वामी परेशान हो रहे हैं। कर्मचारियों की लापरवाही का ताजा मामला केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जुड़ा है। कर्मचारियों ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की टोयटा कार का ई-चालान दिखाते हुए उसकी कॉपी घर भेज दी। यह चालान 25 जनवरी को किया गया, जबकि उस दिन उनकी कार शहर में नहीं थी।

बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री का चालक चालान की कॉपी लेकर सेक्टर-14ए स्थित विभाग के कार्यालय पहुंचा। चालक ने एसपी ट्रैफिक अनिल कुमार झा से मिल कर गलत चालान की शिकायत की। जांच में पता चला कि वैगनआर कार का ई-चालान किया गया था और उसके नंबर प्लेट पर सीएवाई लिखा है, जबकि केंद्रीय मंत्री की टोयटा कार है और उनकी कार का नंबर सीएटी से शुरू है।

कर्मचारी ने वाइ अक्षर को टी समझ लिया और बाकी नंबर में समानता होने की वजह से केंद्रीय मंत्री के यहां चालान की कॉपी भेज दी। विभाग ने अपनी गलती मानते हुए चालान को रद कर दिया।

फोटो के साथ चालान नहीं भेजने पर जता रहे आपत्ति
कुछ वाहन स्वामियों ने यातायात विभाग द्वारा बिना गाड़ी की फोटो के ही ई-चालान की कॉपी घर भेजने पर कड़ी आपत्ति जताई है। कुछ ने यातायात विभाग के ट्विटर हैंडल पर भी इस संबंध में आपत्ति की है। प्रसून ने विभाग के ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि वाहन के फोटो के बिना चालान की कॉपी क्यों भेजी जा रही है। हम कैसे भरोसा करें कि विभाग की कार्रवाई में पारदर्शिता है।

वाहन स्वामियों का कहना है कि बिना फोटो चालान की कॉपी घर पहुंचने पर उन्हें जानकारी लेने कार्यालय आना पड़ता है। विभाग का कहना है कि चालान नंबर से ऑनलाइन देखा जा सकता है कि किस वजह से चालान किया गया है।

कई बार आ चुकी है कर्मचारियों की लापरवाही
वहीं, सेक्टर-14 स्थित कार्यालय में प्रतिदिन तीन-चार लोग गलत चालान किए जाने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। अधिकांश में पाया गया है कि गाड़ी के नंबर प्लेट पर लिखे अक्षर व अंकों को समझ नहीं पाने की वजह से किसी अन्य वाहन स्वामी के घर चालान भेज दिया जा रहा है। कुछ दिन पहले एक स्कूटी स्वामी के घर भी गलत चालान भेजा गया था, जबकि चालान किसी कार का किया गया था।

यातायात विभाग के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा ने कहा कि वाहन के नंबर प्लेट पर लिखे अंक व अक्षर स्पष्ट नहीं होने की वजह से गलती हुई है। वैगनआर कार का चालान हुआ था, जिसके नंबर प्लेट पर लिखे वाई अक्षर को कर्मचारी ने टी समझ कर केंद्रीय मंत्री के यहां चालान की कॉपी भेज दी। गलती को सुधार कर चालान को रद कर दिया गया है।

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