जागरण संवाददाता, नोएडा : दिल्ली-एनसीआर सहित पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों में सैकड़ों चारपहिया वाहनों की चोरी करने वाले डाक्टर वाहिद गिरोह के सरगना सहित तीन अन्य बदमाशों को शनिवार को सेक्टर-24 कोतवाली पुलिस ने दबोच लिया। सेक्टर-54 टी प्वाइंट के पास से हापुड़ निवासी डाक्टर वाहिद, रविद्र और अमन को गिरफ्तार किया गया। वाहिद की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग जगहों से नौ सेंट्रो सहित 10 कार बरामद की है। चार माह पूर्व जेल से छूटे वाहिद ने कुछ माह पूर्व ही नया वाहन चोर गिरोह बनाया है। गिरोह में शामिल तीन अन्य बदमाशों भूरवा उर्फ भूरा, असलम और विनीत को मेरठ पुलिस ने चोरी की चार गाड़ियों के साथ दो दिन पूर्व ही दबोचा था।

एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि वाहिद तीन मार्च 2021 को सेक्टर-24 कोतवाली से जेल गया था। जेल पहुंचने के बाद उसने मुस्तकीम और गुलफाम सहित अन्य वाहन चोर गिरोह से नाता तोड़ लिया, क्योंकि उसे शक था कि इस गिरोह के लोगों ने ही उसकी मुखबिरी कर उसे सलाखों के पीछे भिजवाया है। इस साल जब वह जेल से बाहर आया तो नए लड़कों को अपने गिरोह में शामिल कर लिया। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर सहित समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चारपहिया वाहनों की चोरी करवाने लगा। डाक्टर वाहिद के खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा की अलग-अलग कोतवाली में 44, रविद्र और अमन के खिलाफ चार-चार मुकदमे दर्ज हैं। सक्रिय वाहन चोर गिरोह के सरगना सहित अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करने वाली टीम को डीसीपी राजेश एस ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। घर और गली में लगे हैं 80 सीसीटीवी कैमरे : एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि पुलिस की नजर से बचने के लिए वाहिद ने घर और गली में करीब 80 सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। इन कैमरों में दिखने वाली हर गतिविधि की निगरानी करने को उसने दो युवकों को रखा है। वाहिद व्हाट्सएप के जरिये डोंगल की मदद से अपने साथियों को कालिग करता है। वाहनों की चोरी करके वाहिद ने हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में मकान ले रखा है। बीते दिनों वाहिद ने नोएडा से एक कार चोरी करवाई थी, जिसमें जीपीएस लगा था। यही गलती उसको भारी पड़ी और वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। बरामद गाड़ियों में से पांच कार नोएडा से, जबकि अन्य गाड़ियां दिल्ली और गाजियाबाद से चोरी की गई हैं। आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होगी। कहां कटते हैं वाहन,पुलिस को नहीं जानकारी : एडीसीपी ने बताया कि पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है कि चोरी के वाहनों को कहां काटा जाता था। पूछताछ में सामने आया है कि वाहिद आन डिमांड भी गाड़ियां चोरी कराता था। साथ ही कुछ गाड़ियों को कटवाकर उसके पुर्जे दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर बेच देता था। आरोपित अपने पास चाबियों से भरा बैग लेकर चलते थे। इसमें करीब 50 गाड़ियों की चाबी रहती थी। नोएडा सहित अन्य जगहों से चोरी कारों को रविद्र और अमन के हापुड़ स्थित हाता में रखा जाता था। वाहिद ऐसे बना डाक्टर वाहिद : वाहिद ने न तो चिकित्सा से संबंधित कोई कोर्स किया है और न ही पीचएडी। इसके बावजूद वह नाम के आगे डाक्टर लिखता है। कोतवाली प्रभारी ज्ञान सिंह ने बताया कि वाहिद वाहन चोरी में माहिर है और पिछले आठ वर्षों से वाहन चोरी कर रहा है। आरोपित को वाहनों के कल-पुर्जे के साथ ही गाड़ियों के लाक तोड़ने में विशेषज्ञता हासिल है। इसी कारण गिरोह के साथियों ने उसका नाम डाक्टर रख दिया। गाड़ियों की चीड़-फाड़ करने में वाहिद को 10 से 15 मिनट ही लगते हैं।

Edited By: Jagran