रवि प्रकाश सिंह रैकवार, नोएडा :

यूपी एसटीएफ ने एक्सप्रेस-वे कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर बीते बृहस्पतिवार को चोरी करने के बाद नंबर प्लेट बदलकर धोखाधड़ी से वाहन बेचने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के 25 हजार के इनामी बदमाश को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की पहचान दिल्ली निवासी हेमंत उर्फ मोनू के रूप में हुई है। आरोपित ने बताया कि वह नोएडा सहित एनसीआर के अन्य शहरों से चोरी हुए वाहनों को बरेली में खपा रहा था। वाहन को बरेली के रास्ते नेपाल तक भेज दिया जाता था। वाहनों के पुर्जे बरेली में अलग कर दिए जाते थे। मुरादाबाद में सक्रिय कई वाहन चोर गिरोह से भी हेमंत के संबंध थे। इसी साल जून में बरेली के फरीदपुर में दो कार के नंबर प्लेट बदलकर उसे बेचने के क्रम में बरेली पुलिस ने हेमंत के साथी सेठी और बलवंत को गिरफ्तार कर लिया था। फ्रीलांसर बदमाशों का मदद से करता था चोरी : पूछताछ में सामने आया कि इनामी बदमाश एनसीआर में वाहनों की चोरी के लिए फ्रीलांसर बदमाशों की भी मदद लेता था। जिस समय वाहनों की चोरी करनी होती थी उसी समय एनसीआर में सक्रिय छोटे वाहनों की चोरी करने वालों से हेमंत संपर्क साधता था और चोरी की घटना को अंजाम देता था।

18 बदमाशों की हो चुकी पहचान : एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि शहर में सक्रिय सभी वाहन चोरों के नेटवर्क को तबाह कर दिया गया है। दिल्ली और हरियाणा में बैठकर मणिपुर सहित चार गिरोह नोएडा में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। चारों गिरोह के करीब 18 बदमाशों की पहचान कर ली गई है, जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की मदद से लगाए जा रहे कैमरे : एडीसीपी ने बताया कि प्राधिकरण की मदद से शहर के 20 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों को लगाने का काम चल रहा है। इन कैमरों से वाहन चोरों पर नजर रखी जाएगी। डेडिकेटेड टीमों को भी अलर्ट किया गया है। शहर के अलग-अलग ठिकानों पर 40 और सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विचार किया जा रहा है।

Edited By: Jagran