जासं, ग्रेटर नोएडा : पर्यावरणीय अधिनियमों का उल्लंघन करने के आरोप में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने जिले के सात उद्योगों को बंद करने का आदेश दिया है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी एके तिवारी ने बताया कि बंद किए गए सभी उद्योगों पर पर्यावरण प्रदूषण का आरोप था, जिनकी कुछ समय पहले जांच कराई गई थी। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम की शिकायतें सही पाई गईं, जिसके बाद यूपीपीसीबी ने सभी दोषी उद्योगों के खिलाफ उच्च स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की थी। खास बात यह है कि बंद किए गए लगभग सभी उद्योग ग्रामीण इलाके में संचालित हैं। बता दें कि उच्च स्तर से मिले आदेशों के बाद पिछले काफी समय से यूपीपीसीबी की टीम नियमित रूप से लगातार उद्योगों का निरीक्षण कर रही है। इसी क्रम में पिछले एक पखवाड़े में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की तमाम कंपनियों पर प्रदूषण फैलाने के आरोपों के चलते लाखों रुपये के जुर्माने की कार्रवाई की गई है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी एके तिवारी ने बताया कि आगे भी उद्योगों का निरीक्षण जारी रहेगा और पर्यावरणीय अधिनियमों के खिलाफ संचालित उद्योगों पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।

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इन उद्योगों को किया गया बंद :

भूपेंद्र कुमार वॉटर आरओ प्लांट सादुल्लापुर

कैपीटल डाइंग व‌र्क्स साइट सी सूरजपुर

शाश्वत कंटेनर्स ग्राम पल्ला

जेकेएम इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड ग्राम पतवारी

श्री गणेश रेडीमिक्स प्राइवेट लमिटेड ग्राम गुर्जरपुर

हाट्स इंडस्ट्रीड लिमिटेड कासना रोड उद्योग विहार

जेडीएस कंक्रीट ग्राम हबीबपुर

Posted By: Jagran

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